महानगर पालिका चुनाव: BJP-शिवसेना के गठबंधन में दरार, दो नगर निगम में अलग लड़ने का फैसला
Maharashtra Municipal Election 2026: छत्रपति संभाजीनगर और पुणे महानगर पालिका के चुनाव के लिए बीजेपी और शिवसेना के बीच बात नहीं बन पाई.

छत्रपति संभाजीनगर और पुणे महानगर पालिका चुनावों में बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना अकेले चुनाव लड़ेंगी. दोनों पार्टियों के बीच सीट बंटवारे की बातचीत विफल हो गई है. सत्तारूढ़ महायुति में सहयोगी रहे दोनों दलों के नेता अब गठबंधन टूटने को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं. छत्रपति संभाजीनगर में शिवसेना विधायक और मंत्री संजय शिरसाट ने दावा किया कि बीजेपी ने क्षेत्र में अपनी बढ़ती ताकत के कारण 'अहंकार' में आकर गठबंधन तोड़ा है.
स्थानीय बीजेपी नेताओं ने जानबूझकर गठबंधन तोड़ा- शिरसाट
शिरसाट ने कहा कि उनकी पार्टी ने महानगर पालिका चुनावों के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन पर लगातार जोर दिया था और क्षेत्र के मतदाताओं की भी यही राय थी. उन्होंने कहा, ‘‘ हालांकि, कुछ स्थानीय बीजेपी नेताओं ने जानबूझकर गठबंधन तोड़ दिया. हमें इस गठबंधन के टूटने का दुख हैं.’’ उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ विवादित सीटों पर गतिरोध को सुलझाने के लिए हुई बातचीत के बावजूद, इस मुद्दे को जानबूझकर फिर से उठाया गया.
शिवसेना के मंत्री ने दावा किया कि बीजेपी ने शिवसेना को 'अंधेरे में रखकर' सीट बंटवारे पर बातचीत जारी रखी और साथ ही अपने उम्मीदवारों को तैयार करती रही. उन्होंने कहा कि शिवसेना ने अब अपने सभी उम्मीदवारों को नामांकन पत्र दाखिल करने को कहा है और संभावित बाधाओं को लेकर आशंका व्यक्त की है.
शिवसेना के अहंकार के कारण ही गठबंधन टूटा- बीजेपी मंत्री
वहीं शिरसाट के आरोपों को खारिज करते हुए बीजेपी मंत्री अतुल सावे ने शिवसेना नेताओं पर सीट बंटवारे पर बार-बार अपना रुख बदलने का आरोप लगाया. सावे ने कहा, 'शिवसेना नेताओं ने उन सीटों की मांग की जहां से बीजेपी पार्षद लगातार जीतते आ रहे हैं. उनके अहंकार के कारण ही गठबंधन टूटा.’’ उन्होंने कहा कि बीजेपी अब भी गठबंधन की इच्छुक है, लेकिन शिवसेना को आगे आना होगा, क्योंकि नामांकन दाखिल करने के लिए केवल कुछ ही घंटे बचे हैं.
बीजेपी नेता और राज्यसभा सदस्य भगवत कराड ने भी इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए कहा कि बीजेपी ने शिवसेना को अधिक सीटें देने की 'उदारता' दिखाई थी, लेकिन उसकी मांगें बढ़ गईं.
पुणे में अकेले चुनाव लड़ेगी शिंदे की पार्टी
पुणे में भी, सीट बंटवारे की बातचीत विफल होने के बाद बीजेपी और शिवसेना ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है. पिछले कुछ दिनों में गहन बातचीत के बावजूद, कथित तौर पर शिवसेना को अपेक्षित सीटें न मिलने के कारण बात नहीं बन पाई. शिवसेना नेता नाना भानगिरे ने कहा कि बीजेपी द्वारा केवल 16 सीटें देने के बाद पार्टी ने स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का फैसला किया. उन्होंने कहा कि पार्टी पुणे में 165 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और सभी उम्मीदवारों को 'एबी' फॉर्म दिए जाएंगे.
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Source: IOCL






















