VIDEO: मौन आंदोलन के दौरान फफक-फफक कर रोए अन्ना हजारे, तबीयत ठीक नहीं होने के बावजूद हुए शामिल
Anna Hazare Video: सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की तबीतय ठीक नहीं थी फिर वो मौन आंदोलन में शामिल हुए. दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए मौन आंदोलन किया गया.

वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे मौन आंदोलन के दौरान फफक-फफकर रोने लगे. महाराष्ट्र के शिरडी में एक मौन आंदोलन आयोजित किया गया. दिल्ली में चल रहे छात्रों के प्रदर्शन को समर्थन देने के लिए वाडिया पार्क में गांधी मेमोरियल में मौन आंदोलन में वो शामिल हुए. अन्ना हजारे की तबीयत ठीक नहीं थी फिर वो इसमें शरीक हुए. वो यहां कुछ देर रुक और चले गए. उनके जाने के बाद भी मौन आंदोलन जारी रहा.
अन्ना हजारे ने पीएम मोदी को लिखी थी चिट्ठी
बता दें कि जब छात्रों का आंदोलन शुरू हुआ तो ये सवाल उठा कि अन्ना हजारे कहां हैं? अन्ना न सिर्फ मौन आंदोलन में शामिल हुए बल्कि इससे पहले बुधवार (22 जुलाई) को उन्होंने छात्रों के मुद्दे को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी खत लिखा.
Shirdi, Maharashtra: Veteran social activist Anna Hazare participated in a silent protest at the Gandhi Memorial in Wadia Park in support of the ongoing students' agitation in Delhi.
— IANS (@ians_india) July 23, 2026
Despite being unwell, Hazare joined the protest to extend his moral support to the students but… pic.twitter.com/KtCY2bsF5D
अपनी चिट्ठी में उन्होंने कहा था, ‘‘हिंसा और पुलिस कार्रवाई की खबरें बेहद पीड़ादायक हैं.’’ उन्होंने पत्र में कहा था कि प्रदर्शनकारियों के असंतोष को ‘‘कानून-व्यवस्था की समस्या के रूप में नहीं, बल्कि समाज की पीड़ा और अपेक्षाओं के रूप में देखा जाना चाहिए.’’
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से सरकार नहीं गिरेगी- अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने लिखा था कि यदि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा देने को कहा जाता है तो इससे सरकार नहीं गिरेगी, बल्कि उसकी कार्यप्रणाली अधिक जवाबदेह और प्रभावी बनेगी. उन्होंने सरकार से प्रदर्शनकारियों की बात धैर्यपूर्वक सुनने, विश्वास का माहौल बनाने और सकारात्मक संवाद के जरिये समाधान तलाशने का अनुरोध किया. मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीएम मोदी को इसलिए पत्र लिखा, क्योंकि प्रधानमंत्री देश के सर्वोच्च नेता हैं और उन्हें जनता के मुद्दों से अवगत कराया जाना चाहिए.
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