मुर्गी का नाम नर्मदा रखने पर विवाद, MP के हरदा में ब्राह्मण समाज ने जताई नाराजगी
MP News: कॉलेज के संचालक डॉ. राजीव खरे का कहना है कि उन्होंने मुर्गियां नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, जबलपुर से खरीदी हैं और वहीं से उन्हें 'नर्मदा' नाम मिला है.

मध्य प्रदेश के हरदा जिले के अबगांव खुर्द में एक कॉलेज संचालक ने मुर्गी की एक प्रजाति का नाम 'नर्मदा' बताया, जिस पर नार्मदीय ब्राह्मण समाज ने नाराजगी जताई है. इस समाज के लोगों ने कहा कि नर्मदा सिर्फ नदी नहीं, बल्कि हमारी पूज्य देवी हैं. इस नाम को मुर्गी से जोड़ना हमारी आस्था का अपमान है.
इसको लेकर समाज के लोगों ने संयुक्त कलेक्टर को ज्ञापन दिया और कॉलेज संचालक के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. नार्मदीय समाज के ट्रस्टी अशोक पाराशर ने कहा, "मां नर्मदा हमारी आराध्य हैं, ऐसे नाम का इस्तेमाल मुर्गी के लिए करना गलत है."
पोस्टर में क्या लिखा?
जिस पोस्ट को लेकर विवाद हुआ, उसमें कॉलेज के संचालक डॉ. राजीव खरे ने सोशल मीडिया पर लिखा था कि उनके पास 'नर्मदा' प्रजाति की मुर्गियां हैं और वो उन्हें बेच रहे हैं.
पोस्टर में लिखा गया, "लाल बहादुर शास्त्री पशुपालन पत्रोपाधी महाविद्यालय पोल्ट्री फार्म प्रशिक्षण फार्म में जिलेवासियों के स्वरोजगार हेतु देसी मुर्गे-मुर्गियां (कड़कनाथ, नर्मदा और सोनाली) विक्रय के लिए उपलब्ध है."
'किसी भावना आहत करना नहीं था मकसद'
वहीं डॉ. खरे का कहना है कि उन्होंने मुर्गियां नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विश्वविद्यालय, जबलपुर से खरीदी हैं और वहीं से उन्हें 'नर्मदा' नाम मिला है. उन्होंने कहा, "हमने किसी की भावना आहत करने के इरादे से ऐसा नहीं किया. अब हमने पोस्टर में नाम बदल दिया है."
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















