MP Election 2023: इस विधानसभा में कांग्रेस को हराने के लिए क्यों नहीं मिला बीजेपी प्रत्याशी, पढ़ें इस सीट का सियासी समीकरण
MP Election 2023 News: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव होने में अब महज 4-5 महीने का समय ही बचा है. ऐसे में सत्तारूढ़ बीजेपी समेत सभी राजनीतिक पार्टियां सक्रिय हो गई हैं.

MP Elections 2023: चुनावी साल में सियासी स्कैन में हम मध्य प्रदेश की एक ऐसी विधानसभा का इतिहास लेकर आए हैं, जहां सत्ताधारी दल बीजेपी को मूल बीजेपी प्रत्याशी की दरकार रहती है. यह विधानसभा है प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर की विधानसभा है. बीते 38 सालों से होते आ रहे विधानसभा चुनावों में कांग्रेस प्रत्याशी को मूल बीजेपी प्रत्याशी टक्कर नहीं दे सके हैं. कांग्रेस विधायक प्रत्याशी के सामने बीजेपी ने भी कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेताओं को ही बीजेपी प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतारा है.
बता दें कि विधानसभा चुनाव होने में अब महज 4-5 महीने का समय ही शेष बचा है. चुनावों के नजदीक आते देख अब सभी राजनीतिक पार्टियों ने चुनावी बिसात बिछाना भी शुरू कर दी है. बात मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के गृह जिले सीहोर की बात करें तो सीहोर जिले में चार विधानसभा क्षेत्र है, जिनमें बुदनी, इछावर, आष्टा और सीहोर. विडम्बना यह है कि सीहोर जिला बीजेपी गढ़ होने के बावजूद भी सीहोर विधानसभा में मूल बीजेपी का टोटा है. यह हम नहीं बल्कि सीहोर विधानसभा के 38 सालों का इतिहास खुद बयां कर रहा है.
कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा
इन 38 सालों में सीहोर विधानसभा में कांग्रेसी प्रत्याशी को हराने के लिए बीजेपी को मूल बीजेपी प्रत्याशी नहीं मिल सका है. कांग्रेस से बीजेपी में शामिल होने वाले नेता ही इन 38 सालों से कांग्रेस प्रत्याशियों को चुनौती देते आ रहे हैं. वर्तमान में भी सीहोर विधायक सुदेश राय ने कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा, वे जीते और बाद में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. वर्तमान में बीजेपी से वे ही विधायक हैं.
आखिरी बार सुंदरलाल पटवा बने थे विधायक
बता दें 66 सालों के इतिहास में एक बार ही मूल बीजेपी सुंदरलाल पटवा बीजेपी की ओर से विधायक चुने गए हैं. बीजेपी के गठन के बाद साल 1980 में सुंदरलाल पटवा सीहोर विधानसभा से विधायक चुने गए थे. इसके बाद से ही कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए नेता ही कांग्रेस प्रत्याशी को चुनौती देकर बीजेपी की ओर से विधायक बनते आ रहे हैं. बात करें 1990 के विधानसभा चुनाव की तो. 1990 में मदनलाल त्यागी बीजेपी से विधायक चुने गए थे. मदनलाल त्यागी कांग्रेस में किसानों की राजनीति किया करते थे, वे बीजेपी में शामिल हुए और विधायक बने.
वर्तमान में सुदेश राय ही विधायक हैं
इसके बाद कांग्रेस में रहे रमेश सक्सेना ने बगावत कर निर्दलीय चुनाव लड़ा और बीजेपी के मदनलाल त्यागी को चुनाव हराया. इसके बाद सक्सेना भी बीजेपी में शामिल हो गए. वे इसके बाद लगातार 1998, 2003 और 2008 में बीजेपी की और से विधायक बने. साल 2013 में सक्सेना को कांग्रेस से बगावत कर निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरे सुदेश राय ने हराया. इसके बाद सुदेश राय भी बीजेपी में शामिल हो गए. 2018 का चुनाव सुदेश राय से बीजेपी के टिकट से लड़ा. वर्तमान में सुदेश राय ही विधायक हैं.
अब तक यह चुने गए विधायक
सीहोर विधानसभा का गठन 1957 में हुआ था. 1957 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस से उमराव सिंह विधायक चुने गए. इसके बाद 1962 में इनायतुल्ला खान कांग्रेस, 1967 में राजमल मेवाड़ा भारतीय जनतसंघ, 1972 में अजीज कुरैशी कांग्रेस, 1977 में सविता बाजपेयी जनता पार्टी, 1980 में सुंदरलाल पटवा बीजेपी, 1985 में शंकरलाल साबू कांग्रेस, 1990 में मदनलाल त्यागी बीजेपी, 1993 में रमेश सक्सेना निर्दलीय, 1998 में रमेश सक्सेना बीजेपी, 2003 में रमेश सक्सेना बीजेपी, 2008 में रमेश सक्सेना बीजेपी, 2013 में सुदेश राय निर्दलीय और 2018 के चुनाव में भी सुदेश राय बीजेपी से विधायक चुने गए.
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Source: IOCL
























