मध्य प्रदेश: उद्घाटन के इंतजार में खंडहर हो रहीं 400 सरकारी इमारतें, 800 करोड़ की लागत से हुई तैयार
MP News: मध्य प्रदेश में जनता के 800 करोड़ रुपये से बने लगभग 450 सरकारी भवन लोकार्पण या उपयोग न होने के कारण खंडहर में बदल गए हैं. भोपाल से विदिशा तक ऐसे कई उदाहरण हैं.

मध्य प्रदेश को यूं ही 'अजब-गजब प्रदेश' नहीं कहा जाता, यहां जनता के पैसे से बने सैकड़ों भवन अब खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. प्रदेश के 55 जिलों में लगभग 450 सरकारी भवन बने, जिन पर करीब 800 करोड़ खर्च किए गए, लेकिन इनके लोकार्पण या हैंडओवर न होने के कारण ये उपयोग में नहीं आ सके और धीरे-धीरे जर्जर हो गए. भोपाल से लेकर विदिशा तक कई जिलों में सरकारी भवनों की हालत खराब होती जा रही है.
सबसे पहले भोपाल के इस भव्य स्टेडियम को देखिए. इस स्टेडियम को बने 6 माह से अधिक समय हो गया है . श्यामा प्रसाद मुखर्जी नाम के इस स्टेडियम की कीमत करीब 11 करोड़ रु है . लेकिन फिलहाल उद्घाटन के इंतजार में ही स्टेडियम की स्थिति खराब होती जा रही है.
नरसिंहपुर 6.50 करोड़ रुपए की लागत से बना अस्पताल
मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग द्वारा करीब 6.50 करोड़ रुपए की लागत से आम जनता के लिए आयुष अस्पताल की बिल्डिंग बनवाई गई. साढ़े 4 साल हो गए, अब तक हैंडओवर नहीं हुई. पता चला है कि बीते साल पंचायत मंत्री प्रहलाद पटेल ने इसका उद्घाटन भी कर दिया, लेकिन अब डॉक्टरों की कमी बताकर इसे शुरू नहीं किया जा रहा है. दो महीने पहले इस अस्पताल में दवाएं आई हैं. लेकिन स्टाफ अभी भी नियुक्त नहीं हुआ है.
रायसेन में 80 लाख की लागत से बना गेस्ट हाउस
रायसेन जिले के सुल्तानगंज में 80 लाख की लागत से बना विश्राम गृह 6 साल से बंद है. ठेकेदार राजकुमार राय ने 2019-20 में निर्माण पूरा कर हैंडओवर किया. पीडब्ल्यूडी एसडीओ राजाराम अहिरवार ने स्टाफ न होने की वजह बताई. पूर्व कैबिनेट मंत्री रामपाल सिंह राजपूत ने भवन शुरू कराने की बात कही है.
विदिशा करोड़ों की लागत से बना होस्टल
शासकीय महाविद्यालय लटेरी का 2015 में बना 74 सीटों वाला छात्रावास चालू नहीं हुआ. दस साल में कोई छात्र रुका नहीं, भवन खंडहर हो गया. कॉलेज ने किराए के नाम पर 2.8 करोड़ बटि. कलेक्टर ने पीडब्ल्यूडी को मरम्मत का आकलन कराने, सरकार से धन स्वीकृति दिलाने का आदेश दिया.
ये भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा उदाहरण- कांग्रेस
वहीं इस मामले को लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का कहना हैं कि ये सीधा सीधा भ्रष्टाचार का मामला है . सरकार ने भवन बना दिए लेकिन उद्घाटन नहीं हो रहा . कोई सुनने और देखने वाला नहीं है . साथ ही कांग्रेस नेता अब्बास हफीज ने कहा कि आखिर क्या कारण रहे की भवन का उद्घाटन नहीं हो सका . इसकी जांच होनी चाहिए. एक कमेटी बननी चाहिए जो जांच करें और कार्रवाई करे.
मामले की जांच कराएंगे- उप मुख्यमंत्री
इसे लेकर उप मुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा का कहना है कि आखिर क्या कारण रहे है कि भवन बन गए और उद्घाटन नहीं हुआ . इसके चलते वहां काम ही शुरू नहीं हुआ . इसकी जांच करवाएंगे और जल्द ऐसे भवन शुरू करवाएंगे.
इन जर्जर भवनों ने अब जनता के पैसों की बर्बादी के प्रतीक का रूप ले लिया है. विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों ने इन भवनों के शीघ्र उपयोग की मांग की है ताकि सरकारी निवेश का सही उपयोग हो सके.
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Source: IOCL



























