भूकंप से हिला मध्य प्रदेश, देर रात कांपी धरती, लोगों में हड़कंप, नींद में घरों से बाहर निकले
Earthquake in MP: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार की देर रात 2.8 तीव्रता का भूकंप आया. भूकंप के झटके महसूस होने के बाद लोग अपने घरों से बाहर आ गए. हालांकि, किसी भी तरह के नुकसान की खबर नहीं है.

Earthquake in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में शनिवार (3 मई) की देर रात भूकंप के झटके महसूस किए गए. इसके चलते रात में हड़कंप मच गया और लोग अपने घरों से बाहर आने लगे. गनीमत रही कि रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता 2.8 यानी काफी कम थी. हालांकि, एहतियात बरतते हुए लोग बाहर आ गए.
भूकंप का केंद्र मुलताई के पास बताया जा रहा है. जिले में किसी भी तरह की संपत्ति या जान-माल के नुकसान की कोई खबर नहीं है.
सामान हिलने से शुरू हुई आवाज
स्थानीय लोगों का कहना है कि रात करीब 9.40 पर उनके घरों के बर्तन अचानक खड़कने लगे, फर्नीचल हिलने लगा और जिस बिस्तर पर बैठे थे वो भी कांपने लगे. डर के मारे लोग बाहर की ओर भागे. बेतूल के इंदिरा गांधी वार्ड में ज्यादा कंपन महसूस किया गया.
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
बैतूल प्रशासन की ओर से जानकारी मिली है कि किसी भी तरह का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन लोगों को फिर भी सतर्क रहने की सलाह दी जाती है. इतना ही नहीं, नागरिकों से अपील की गई है कि अफवाहों पर ध्यान न दें और ऐसी कोई भी बात न करें, जिससे किसी तरह की भगदड़ या अप्रिय घटना की आशंका बने. अगर ऐसी किसी भी तरह की बात आप तक पहुंचती है तो प्रशासन के अधिकारियों से साझा करें.
देर रात लोगों ने सोशल मीडिया पर भी पोस्ट करते हुए भूकंप की जानकारी दी. यूजर्स ने बताया कि कैसे कोई खाना खा रहा था तो कोई सोने की तैयारी कर रहा था. कई लोग सड़कों और दुकानों पर थे. इस बीच भूकंप से धरती कांपी और लोग सहम गए.
कैसे आता है भूकंप?
भूकंप धरती के अंदर की प्लेटों के हिलने या टकराने से आता है. बाहरी सतह यानी 'क्रस्ट' बहुत बड़े-बड़े टुकड़ों में बंटी होती है, जिन्हें टेक्टोनिक प्लेट्स कहते हैं. ये प्लेट्स लगातार बहुत धीमी गति से हिलती रहती हैं. जब ये प्लेट्स आपस में टकराती हैं, अलग होती हैं या आपस में फंस जाती हैं, तो धरती के अंदर बहुत ज्यादा दबाव बनता है. एक समय पर ये दबाव टूटता है और अचानक एनर्जी लहरों के रूप में बाहर निकलती है. इसे ही भूकंप कहते हैं, जिसे हम झटकों के रूप में महसूस करते हैं.
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Source: IOCL























