छिंदवाड़ा: चलती बाइक पर युवक को आया हार्ट अटैक, डॉक्टर ने सड़क पर CPR देकर बचाई जान
Madhya Pradesh: छिंदवाड़ा में चलती बाइक पर युवक को हार्ट अटैक आया. डॉक्टर दिनेश ठाकुर ने सड़क पर तुरंत CPR देकर जान बचाई. घटना का वीडियो वायरल हो रहा है.

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले से मानवता और त्वरित सूझबूझ की एक ऐसी मिसाल सामने आई है, जिसने हर किसी का दिल जीत लिया है. शहर के व्यस्त सत्कार तिराहे के पास सड़क पर मौत से जंग लड़ रहे एक युवक के लिए मेडिकल कॉलेज के डॉ. दिनेश ठाकुर 'देवदूत' बनकर सामने आए.
जानकारी के अनुसार, चलती बाइक पर युवक को अचानक हार्ट अटैक आया और वह बेहोश होकर गिर पड़ा. जिसे डॉक्टर ने तत्काल सीपीआर (CPR) देकर मौत के मुंह से बाहर निकाल लिया. इस घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
अचानक बाइक से गिरा युवक, मौके पर मौजूद थे डॉक्टर
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम करीब 6 बजे गुलाबरा निवासी सतीश वर्मा अपनी बाइक से सत्कार तिराहे के समीप से गुजर रहे थे. तभी अचानक उन्हें सीने में तेज दर्द उठा और वे अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़े. उसी समय जिला अस्पताल के मेडिकल कॉलेज में पदस्थ एमडी मेडिसिन डॉ. दिनेश ठाकुर अपने क्लिनिक के बाहर खड़े थे. बाइक गिरने की आवाज सुनकर वे तुरंत मौके की ओर दौड़े. उन्होंने देखा कि युवक पूरी तरह अचेत था और उसकी धड़कनें थम रही थीं.
3-4 मिनट की मशक्कत और लौट आई सांसें
डॉ. ठाकुर ने बिना एक पल गंवाए पेशेवर कुशलता का परिचय दिया और युवक को सड़क पर सीधा लिटाकर सीपीआर देना शुरू किया. लगभग 3 से 4 मिनट तक लगातार चेस्ट कंप्रेशन देने के बाद युवक के शरीर में हलचल हुई और उसे होश आ गया. होश आने पर स्थानीय लोगों की मदद से उसे क्लिनिक ले जाया गया. जांच में पता चला कि युवक को 'माइनर अटैक' आया था. लेकिन सही समय पर प्राथमिक उपचार मिलने के कारण बड़ा खतरा टल गया. फिलहाल सतीश पूरी तरह स्वस्थ हैं.
डॉक्टर पहले भी बचा चुके हैं जान
दिलचस्प बात यह है कि डॉ. दिनेश ठाकुर पहले भी ऐसी मिसाल पेश कर चुके हैं. लगभग 5-6 साल पहले उन्होंने अस्पताल के ही एक कर्मचारी की सीपीआर देकर जान बचाई थी. डॉ. ठाकुर ने समाज से अपील की है कि ठंड के मौसम में 'कोल्ड अटैक' का खतरा बढ़ जाता है. इसलिए हृदय रोगी विशेष सावधानी बरतें. उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में शुरुआती 4 से 5 मिनट मरीज की जान बचाने के लिए सबसे महत्वपूर्ण होते हैं. यदि सामान्य नागरिक भी सीपीआर देना सीख लें, तो एम्बुलेंस आने से पहले कई अनमोल जिंदगियां बचाई जा सकती हैं.
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Source: IOCL





















