Indore: घर में मिले एक ही परिवार के चार लोगों के शव, सुसाइड नोट में लिखा- मौत के बाद किसी को चुकाना नहीं पड़ता
इंदौर में एक ही परिवार के चार सदस्यों का शव मिलने से हड़कंप मच गया. बैंकों का कर्ज चुका न पाने से परेशान परिवार ने मौत को गले लगा लेना उचित समझा. घटनास्थल से सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.

मध्य प्रदेश (MP) की आर्थिक राजधानी इंदौर (Indore) में दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है. बैंकों का कर्ज (Bank Loan) चुका न पाने से परेशान एक परिवार के चार सदस्यों ने मौत को गले लगा लेना उचित समझा. सनसनीखेज घटना बाणगंगा थाना क्षेत्र के भागीरथ पूरा पुलिस चौकी (Bhagirath Pura Police Chowki) से कुछ कदम दूर की है. डीसीपी धर्मेंद्र कुमार भदौरिया ने बताया कि सागर निवासी मृतक अमित यादव ससुराल के पास किराये का मकान लेकर पत्नी और बच्चों संग रहता था. कल पूरा परिवार महाकाल (Mahakal) का दर्शन करने उज्जैन गया हुआ था. रात लगभग 12 बजे उज्जैन से परिवार की वापसी हुई. मंगलवार की दोपहर तक घर का दरवाजा नहीं खुला.
बैंकों की प्रताड़ना से तंग आकर परिवार ने लगाया मौत को गले
शक होने पर पड़ोसियों और रिश्तेदारों को जानकारी दी गई. पुलिस ने मौके पर पहुंच कर घर का दरवाजा तोड़ा. अंदर का नजारा देखने पर मौजूद लोगों के होश उड़ गए. पत्नी और दो बच्चों का शव जमीन पर पड़ा हुआ था. अमित का शव फांसी के फंदे पर लटका हुआ मिला. घटनास्थल से पुलिस को दो पन्नों का एक सुसाइड नोट (Suicide Note) भी मिला है. सुसाइड नोट में खुदकुशी (Suicide) का कारण बैंक कर्ज को लिखा है. पुलिस ने परिवार के शवों को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल (MY Hospital) भेजवा दिया है.
मकान मालिक केदार नाथ ने बताया की अमित ने कुछ समय पहले प्राइवेट बैंक से कर्ज ले रखा था. बैंक कर्ज वसूली के लिए प्रताड़ित कर रहे थे. बैंक प्रताड़ना से तंग आकर अमित काफी परेशान और निराश रहने लगा था. लोन चुकता करने के लिए आधार और पैन कार्ड की मदद से इंस्टेंट लोन देनेवाले बैंकों से कर्ज लिया. समय पर अदायगी नहीं होने के कारण लोन डिपार्टमेंट से फोन आ रहे थे.
सुसाइड नोट में लिखा- मौत के बाद किसी को चुकाना नहीं होता
उन्होंने बताया कि बैंकों की प्रताड़ना को झेल नहीं पाने के कारण किराएदार ने जानलेवा कदम उठाया. अमित यादव इंदौर में टावर टेक्नीशियन के पद पर काम करता था. मृतक ने कर्ज के अलावा सुसाइड नोट में भाइयों का जिक्र भी किया है. उसने लिखा है, "मैंने जानता हूं कि कर्जदार और परिवार की मौत के बाद बैंकों का किसी को लोन नहीं चुकाना होता है. इसलिए मेरी मौत के साथ ही सारा कर्ज भी खत्म हो जाएगा. किसी को कर्ज चुकाने की जरूरत नही होगी." पुलिस मामला दर्ज तफ्तीश में जुट गई है.























