Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का सैलाब, रात में है शिव बारात का आयोजन
Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में लाखों श्रद्धालुओं ने मनोकामना लिंग के दर्शन कर आशीर्वाद लिया. रात में भव्य शिव बारात निकाली जाएगी.

आज देश भर में महाशिरात्रि की धूम है. इसी अवसर पर झारखंड के देवघर में स्थित ज्योतिर्लिंग श्री बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी है. पवित्र चतुर्दशी तिथि पर बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती के दिव्य विवाह उत्सव के लिए लाखों भक्त एकत्र हुए. दिनभर पूजा-अर्चना और रात में भव्य शिव बारात का आयोजन किया गया है.
देवघर के बाबा बैद्यनाथ धाम में सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं. श्रद्धालुओं ने जलाभिषेक, बेलपत्र अर्पण और रुद्राभिषेक कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया. मंदिर परिसर हर हर महादेव के जयघोष से गूंज उठा और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं.
रात में निकाली जाएगी शिव बारात- पुजारी
मंदिर के एक पुजारी ने बताया कि महाशिवरात्रि चतुर्दशी का पावन दिन है और इसी तिथि पर बाबा बैद्यनाथ और माता पार्वती का शुभ विवाह हुआ था. रात्रि में भव्य झांकी और शिव बारात निकाली जाती है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं.
Deoghar, Jharkhand: On the occasion of Mahashivratri, a priest says, "Today marks the sacred day of Mahashivratri, which coincides with the 13th day of Chaturdashi. Devotees celebrate the auspicious wedding of Baba Baidyanath and Mata Parvati. During the night, a grand procession… pic.twitter.com/zC49mV28R2
— IANS (@ians_india) February 15, 2026
रात्रि में निकलने वाली शिव बारात में ढोल-नगाड़े, घोड़ा, नागिन नृत्य और पारंपरिक झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं. श्रद्धालु भूत-बेताल स्वरूप में सजकर बारात में शामिल हुए और पूरे धाम क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया. पुजारी ने कहा कि बाबा बैद्यनाथ मनोकामना लिंग के रूप में प्रसिद्ध हैं. जो भी भक्त सच्चे मन से यहां अपनी मुराद लेकर आता है, उसकी मनोकामना पूर्ण होती है. इस आस्था के कारण देशभर से श्रद्धालु देवघर पहुंचते हैं.
ज्योतिर्लिंग और शक्तिपीठ का महत्व
पुजारी ने बताया कि बाबा बैद्यनाथ धाम केवल एक ज्योतिर्लिंग ही नहीं, बल्कि शक्तिपीठ भी माना जाता है. यहां माता पार्वती शक्ति स्वरूप में विराजमान हैं, जिससे भक्तों को शिव और शक्ति दोनों का आशीर्वाद प्राप्त होता है. इसी कारण इसे विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है.
उन्होंने आईएएनएस को दिए बयान में कहा कि महाशिवरात्रि पर बेलपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व बताया गया है. मान्यता है कि तीन पत्तों वाला बेलपत्र शिव को चढ़ाने से जन्मों के पापों का नाश होता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि बाबा बैद्यनाथ ब्रह्मांड के राजा हैं और समस्त विश्व की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं.
Source: IOCL


























