झारखंड में होगा सियासी बदलाव? कांग्रेस नेता के एन त्रिपाठी के दावे से बढ़ी हलचल
Jharkhand Politics: कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी ने दावा किया है कि 20 से 25 दिनों में बड़ा राजनीतिक बदलाव हो सकता है. जेएमएम और कांग्रेस की तरफ से अभी प्रतिक्रिया नहीं आई है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता केएन त्रिपाठी के एक बयान ने झारखंड की राजनीति में भूचाल ला दिया है. पलामू में के एन त्रिपाठी ने दावा किया है कि झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) एनडीए से मिल चुकी है और निकाय चुनाव के बाद गठबंधन तोड़ BJP के साथ सरकार बना सकती है. उनका कहना है कि यह बदलाव के परिणाम 20 से 25 दिनों बाद देखने को मिल जाएंगे.
उन्होंने यह भी दावा किया है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की तरफ से डील फाइनल हो चुकी है जो कि निकाय चुनाव के बाद देखने को मिल सकती है. फिलहाल उनके बयान के बाद जेएमएम और कांग्रेस की तरफ से कोई भी प्रतिक्रिया अभी तक सामने नहीं आई है.
सवाल पूछने पर क्या बोले कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी?
जब एबीपी न्यूज की टीम ने कांग्रेस नेता केएन त्रिपाठी से इस संबंध में जानकारी मांगनी चाही तो उन्होंने साफ तौर से कहा कि अभी चुनाव है. उनके बयान से चुनाव प्रभावित हो सकता है. उन्होंने पत्रकारों को सलाह दी कि चुनाव के बाद उनसे इस मुद्दे पर बात करें.
क्या कहते हैं राजनीतिक विशेषज्ञ?
कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की तरफ से ऐसा बयान आना बड़ी बात मानी जा रही है क्योंकि कुछ समय पहले भी यह चर्चा काफी तेज थी कि झारखंड मुक्ति मोर्चा भाजपा के साथ हो जाएगी मगर झारखंड मुक्ति मोर्चा और भाजपा ने मिलकर इस बात का खंडन कर दिया था. मगर एक बार फिर से झारखंड में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है इस विषय को लेकर एबीपी न्यूज ने राजनीतिक विशेषज्ञों से राय ली तो उनका कहना है कि झारखंड में अभी गठबंधन की सरकार स्थिर है और हेमंत सोरेन सरकार का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, ऐसे में के एन त्रिपाठी का बयान उनका निजी बयान हो सकता हैं
पॉलिटिकल एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि अगर हेमंत सोरेन भाजपा के साथ आते हैं तो झारखंड में भी डबल इंजन की सरकार देखने को मिलेगी. ऐसे में केंद्र और राज्य के बीच तालमेल बढ़ेगा और इसका फायदा झारखंड की जनता को सीधे तौर पर मिलेगा मगर दूसरी और अगर हेमंत सोरेन भाजपा के साथ होते हैं तो उनको साफ तौर पर नुक्सान भी उठाना पड़ सकता है क्योंकि झारखंड में बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक और कुछ आदिवासी जो भाजपा विरोधी मानसिकता के हैं. उनके वोट से जेएमएम को सीधे नुकसान उठाना पड़ेगा.
Source: IOCL
























