एंटी पेपर लीक बिल पर महुआ माजी का बयान, 'विपक्ष की भी ली जाए राय'
Anti Paper Leak Bill: कसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया है. इसको लेकर अब प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी एंटी पेपर लीक बिल पर प्रतिक्रिया दी है.

केंद्र सरकार ने पेपर लीक के मुद्दे के जोर पकड़ने के बाद लोकसभा में लोक परीक्षा संशोधन विधेयक पेश किया है. इसको लेकर अब प्रतिक्रियाएं आना शुरू हो गई हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा की सांसद महुआ माजी एंटी पेपर लीक बिल पर कहा, "हम लोग बहस करना चाहते हैं, यह सही है. लेकिन सबने देखा है कि सत्ता पक्ष कभी-कभी डिबेट भी नहीं कराना चाहता है. और अगर करा भी लेते हैं तो वहीं कहा जाता है जो वह चाहते हैं."
बिल को लेकर उन्होंने कहा, "उसमें हमें देखना है कि क्या-क्या प्रावधान सरकार ने इसमें रखे हैं और उस प्रावधान से भविष्य में कोई गड़बड़ी होगी या नहीं हम लोग देखना चाहेंगे, क्योंकि पहले भी कई बार इस तरह के आश्वासन मिले हैं. ऐसा तो है नहीं कि पहली बार पेपर लीक हुआ है, यह पहले भी होता आया है."
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दुनिया में धूमिल हुई देश की छवि- महुआ माजी
महुआ माजी ने आगे कहा, "छात्रों के आंदोलन को देखते हुए हम लोग चाहते हैं कि इस तरह से छात्रों को परेशान न होना पड़े. इससे विश्व में देश की छवि भी धूमिल हुई है, जिस तरह से सरकार ने दमनकारी रवैया अपनाया गया था."
उन्होंने आगे कहा, "इससे पहले भी दिल्ली ने देखा है कि तीन काले कृषि कानून को लेकर कितना प्रदर्शन हुआ था. इसमें 700 किसानों की जान गई थी. तब जाकर केंद्र सरकार ये मानने को तैयार हुई थी कि ये बिल गलत है."
'जो अब सरकार ने किया है उस समय....'
माजी ने कहा, "इस बार भी वही हुआ. जब सत्र शुरू होने के पहले 22 दिन तक छात्र शांतिपूर्ण ढंग से आंदोलन कर रहे थे, गांधीवादी तरीका अपना रहे थे. जो अब सरकार ने किया है उस समय जाकर बात क्यों नहीं कर रहे थे. उस समय भी वह कर सकते थे, लेकिन उन्होंने नहीं किया."
सांसद ने आगे कहा, "जब संसद सत्र शुरू हुआ तो छात्रों ने पहले से ऐलान कर रखा था कि संसद तक आएंगे. कोई उनकी बात नहीं सुन रहा था और जब संसद की तरफ आए तो उन पर लाठियां चलाई गईं और आंसू गैस के गोले दागे गए."
विपक्ष की राय लेकर तैयार हो विधेयक
अब जब सरकार ने आखिरकार यदि विधेयक का मसौदा तैयार करने पर सहमति बनी है, तो उसमें कोई खामी नहीं होनी चाहिए. विपक्ष की राय लेकर ऐसा विधेयक तैयार किया जाना चाहिए जो यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में किसी भी निर्दोष व्यक्ति को इस बिल की आड़ में फंसा दिया जाए.
केंद्र सरकार ने सोमवार (27 जुलाई) को संसद में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किया. इस विधेयक का उद्देश्य पेपर लीक और परीक्षा में होने वाली धांधली के खिलाफ कानूनी ढांचे को और मजबूत बनाना है. इस पर सरकार सदन में विपक्ष के साथ चर्चा करेगी.
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