Jharkhand News: पश्चिमी सिंहभूम में मालगाड़ी हुई बेपटरी, 4 घंटे थमा रेल ट्रैफिक, जंगल में खड़ी रही वंदे भारत
Jharkhand News In Hindi: झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम के मुर्गामहादेव रोड स्टेशन पर कोयले से लदी मालगाड़ी के दो डिब्बे बेपटरी हो गए, जिससे अप-डाउन दोनों लाइनें करीब चार घंटे तक बाधित रहीं.

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में एक बड़ा रेल हादसा हो गया. मुर्गामहादेव रोड स्टेशन के पास कोयले से लदी एक मालगाड़ी के दो डिब्बे अचानक पटरी से उतर गए. हादसे के बाद इस रूट पर रेल यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और अप-डाउन दोनों लाइनें करीब 4 घंटे तक बाधित रहीं.
इस हादसे का असर सिर्फ मालगाड़ियों तक सीमित नहीं रहा. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वंदे भारत ट्रेन भी इस घटना की वजह से बांसपानी के पास जंगल क्षेत्र में घंटों खड़ी रही.
यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. इसके अलावा विशाखापत्तनम एक्सप्रेस टाटानगर स्टेशन पर रुकी रही, जबकि पुरी-बड़बिल इंटरसिटी ट्रेन बीच रास्ते में ही फंस गई.
रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी रेलवे की टीमें
हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे प्रशासन हरकत में आया. चक्रधरपुर से 140 टन की क्रेन और डांगुवापोसी से एक्सीडेंट रिलीफ ट्रेन को मौके पर भेजा गया. राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर शुरू किया गया. हालांकि, कोयले से लदी भारी मालगाड़ी के डिब्बों को पटरी पर लाने में तकनीकी टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा.
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, भारी लोड होने की वजह से डिब्बों को दोबारा ट्रैक पर चढ़ाने में समय लगना स्वाभाविक है, लेकिन फिर भी टीम लगातार काम करती रही और देर शाम तक स्थिति को काबू में लाने की कोशिश जारी रही.
हादसे के समय दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा टाटानगर स्टेशन पर मौजूद थे, जहां वे मल्टी-डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (MDDTI) के उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल थे. दूसरी तरफ, उसी समय इस बड़े हादसे के कारण पूरे रेल मंडल में हड़कंप मचा हुआ था.
डीआरएम के कार्यकाल पर उठ रहे सवाल
चक्रधरपुर रेल मंडल के डीआरएम तरुण हुरिया के कार्यकाल को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय सूत्रों का कहना है कि उनके पदभार संभालने के बाद से रेल हादसों की संख्या में बढ़ोतरी देखने को मिली है. साथ ही तकनीकी टीम पर नियंत्रण को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.
हालांकि, रेलवे की ओर से इस मामले में आधिकारिक तौर पर कोई बयान सामने नहीं आया है, लेकिन लगातार हो रही घटनाओं ने रेलवे की कार्यप्रणाली पर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं.
व्यस्त रेल मार्ग पर हादसे से बढ़ी चिंता
मुर्गामहादेव रोड स्टेशन देवझर और बांसपानी के बीच स्थित है और यह चक्रधरपुर रेल मंडल का सबसे व्यस्त रेल मार्ग माना जाता है. इस रूट पर बड़ी संख्या में मालगाड़ियां चलती हैं, क्योंकि दक्षिण पूर्व रेलवे इस समय माल ढुलाई के बड़े लक्ष्य को हासिल करने में जुटी है.
ऐसे में इस तरह का हादसा रेलवे के लिए चिंता का विषय बन गया है. अगर इसी तरह घटनाएं होती रहीं, तो न सिर्फ यात्रियों को परेशानी होगी, बल्कि रेलवे के लक्ष्य पर भी असर पड़ सकता है.
करीब 4 घंटे तक रेल यातायात बाधित रहने के बाद धीरे-धीरे स्थिति को सामान्य किया गया. हालांकि, इस दौरान यात्रियों को काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं. फिलहाल रेलवे इस हादसे के कारणों की जांच में जुटी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके.
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