'जनता ने गांधी परिवार का अहंकार तोड़ा', किस बात पर भड़क गए निशिकांत दुबे?
Jharkhand News In Hindi: निशिकांत दुबे ने आपातकाल को लोकतंत्र की हत्या बताते हुए इंदिरा गांधी पर तीखा हमला किया. उन्होंने कहा कि 1977 में जनता ने गांधी परिवार के अहंकार को खत्म कर दिया.

झारखंड के गोड्डा से बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने 21 मार्च 1977 को आपातकाल समाप्त होने की वर्षगांठ पर कांग्रेस और पूर्व पीएम इंदिरा गांधी पर तीखा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि जनता ने 20 मार्च 1977 को गांधी परिवार के अहंकार को जमीन पर ला दिया और खुद इंदिरा गांधी चुनाव हार गईं.
निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर "कांग्रेस का काला अध्याय" शीर्षक से पोस्ट करते हुए आपातकाल को लोकतंत्र की हत्या बताया. उन्होंने कहा कि 21 मार्च 1977 को आपातकाल समाप्त हुआ, जिसे उन्होंने इंदिरा गांधी की दमनकारी नीतियों का परिणाम बताया.
उनके अनुसार इस दौर में नागरिक अधिकारों का हनन हुआ और लोकतांत्रिक संस्थाएं कमजोर पड़ीं. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के केंद्रीकरण ने संविधान की मूल भावना को नुकसान पहुंचाया और देश को गंभीर संकट में डाल दिया.
आपातकाल के दौरान लगाए आरोप
दुबे ने आपातकाल के दौरान हुई घटनाओं को लेकर कई गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि लाखों लोगों को जबरन जेल में डाला गया और हजारों लोगों की पुलिस हिरासत या अत्याचार में मौत हुई. उनके पोस्ट के अनुसार, 1 करोड़ लोगों की जबरन नसबंदी कराई गई. प्रेस की स्वतंत्रता पर पूरी तरह रोक लगाई गई. मौलिक अधिकार समाप्त कर दिए गए और 42वें संविधान संशोधन के जरिए लोकसभा का कार्यकाल 6 साल किया गया.
गजट और संविधान संशोधन का जिक्र
निशिकांत दुबे ने अपने पोस्ट में भारत के गजट की एक तस्वीर भी साझा की, जिसमें आपातकाल के दौरान किए गए संवैधानिक संशोधनों का उल्लेख था. उन्होंने कहा कि इन संशोधनों ने न्यायिक समीक्षा और संस्थागत संतुलन को कमजोर कर दिया.
कांग्रेस का काला अध्याय
— Dr Nishikant Dubey (@nishikant_dubey) March 21, 2026
5. आज ही 21 मार्च 1977 को इंदिरा गांधी जी के दमनकारी नीतियों,लोकतंत्र की हत्या तथा नागरिक अधिकार के ख़ात्मे का आपातकाल हटाया गया ।20 मार्च 1977 को जनता ने गॉंधी परिवार के अहंकार को अर्श से फर्श पर पहुंचाया,इंदिरा गांधी जी खुद का चुनाव हार गईं ।आपातकाल में… pic.twitter.com/bsWnEPAL3h
एएनआई के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि उस समय राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को कानूनी प्रक्रियाओं से ऊपर रखने की कोशिश की गई. साथ ही जनसंख्या नियंत्रण के नाम पर बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान चलाया गया, जिसे उन्होंने मानवाधिकारों का उल्लंघन बताया.
कांग्रेस पर फिर साधा निशाना
इससे पहले भी निशिकांत दुबे कांग्रेस पर लगातार हमलावर रहे हैं. उन्होंने कहा कि देश की मौजूदा समस्याओं की जड़ में कांग्रेस और नेहरू-गांधी परिवार की नीतियां हैं. उन्होंने बताया कि इसी सोच के तहत उन्होंने "कांग्रेस का काला अध्याय" नाम से एक श्रृंखला शुरू की है, जिसकी शुरुआत 17 तारीख से की गई है और इसमें कांग्रेस के कार्यकाल से जुड़े मुद्दों को उठाया जा रहा है.
Source: IOCL




























