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देवेंद्र महतो का अस्पताल से खुला खत, सोरेन सरकार को दिया ये संदेश

Jharkhand Protest News: जेपीएससी-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो ने कहा कि भले मेरा शरीर कमजोर हो सकता है लेकिन न्याय की मांग और संघर्ष का संकल्प कभी कमजोर नहीं हो सकता है. 

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर JPSC-JSSC न्याय मंच के छात्र नेता देवेंद्रनाथ महतो का अनशन पिछले 10 दिनों से जारी है. तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सोमवार (10 अगस्त) को ही अस्पताल में भर्ती कराया गया. अब उन्होंने अस्पताल से ही छात्रों के नाम खुला पत्र लिखा है. उन्होंने विधान सभा घेराव कार्यक्रम में शामिल होने वाले सभी सहयोगियों का शुक्रिया अदा किया है. इसके साथ ही शांतिपूर्ण आंदोलन पर लाठीचार्ज करने वालों पर कार्रवाई की मांग की है. 

सदर अस्पताल से देवेंद्रनाथ महतो का संदेश

उन्होंने पत्र में सोरेन सरकार को संदेश देते हुए कहा कि पूरी तरह से इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा. देवेंद्रनाथ महतो ने पत्र में ये भी कहा कि भले मेरा शरीर कमजोर हो सकता है लेकिन न्याय की मांग और संघर्ष का संकल्प कभी कमजोर नहीं हो सकता है.  

मेरा संघर्ष और संकल्प अडिग- देवेंद्रनाथ महतो

देवेंद्रनाथ महतो ने अपने पत्र में लिखा, ''मैं अनिश्चितकालीन भूख-हड़ताल के 10वें दिन सदर अस्पताल रांची में उपचाराधीन हूं और अस्पताल में रहते हुए भी मेरी भूख-हड़ताल जारी है. यह आगे भी निरंतर जारी रहेगा. अस्पताल में इलाज जारी रहने के बावजूद मेरा संघर्ष और संकल्प अडिग है. भले मेरा शरीर कमजोर हो सकता है लेकिन न्याय की माँग और संघर्ष का संकल्प कदापि कमजोर नहीं हो सकता है. JPSC - JSSC में कथित व्याप्त भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के खिलाफ हमारा आंदोलन पिछले 5 जुलाई से जारी है.''

छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज क्यों?- देवेंद्रनाथ महतो

उन्होंने आगे लिखा, ''मैं इंसाफ चाहता हूं क्योंकि विधान सभा घेराव के दौरान देर शाम पुलिस द्वारा स्कॉट करके पहुंचायी गई जगह पर शांतिपूर्ण तरीके से बैठे रहने के दौरान अचानक बिना वार्निंग दिए पुलिस धक्का-मुक्की करते हुए लाठीचार्ज किया और एम्बुलेंस से सदर अस्पताल लाकर भर्ती करा दिया. आखिर पुलिस मेरे और मेरे साथ लगभग 100 छात्रों के ऊपर पुलिस लाठीचार्ज क्यों की? अगर लाठीचार्ज करना ही था तो पुलिस हमें उस स्थल तक क्यों पहुंचायी? इसका मुझे जवाब चाहिए.''

पुलिसिया कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण- देवेंद्रनाथ महतो

देवेंद्रनाथ महतो ने पत्र के जरिए ये भी कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए आवाज उठाने के क्रम में मेरे साथ और मेरे सहयोगी छात्रों के साथ हुई बर्बरतापूर्ण पुलिसिया कार्रवाई बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. उन्होंने लिखा, ''मैं झारखंड सरकार से स्पष्ट कहना चाहता हूं कि लाठीचार्ज और बल प्रयोग से छात्रों के आवाज को दबाया नहीं जा सकता है. हम हिंसा का रास्ता नहीं बल्कि संविधान और लोकतंत्र के रास्ते पर चलकर अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं.

पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए- देवेंद्रनाथ महतो

उन्होंने मांग करते हुए आगे लिखा कि मेरे और मेरे निर्दोष साथियों के साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान बल प्रयोग के लिए जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई होनी चाहिए. देवेंद्रनाथ ने सभी छात्रों और युवाओं से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से इस न्याय की लड़ाई को मजबूती से जारी रखने की भी अपील की.

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अजीत कुमार एबीपी लाइव में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं और करीब एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. वह अपने दृष्टिकोण के प्रति सजग रहने के साथ-साथ हमेशा कुछ नया सीखने की जिज्ञासा रखते हैं. राजनीति से जुड़ी खबरों के अलावा कला और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों में उनकी खास रुचि है. उन्होंने दैनिक जागरण, इंडिया न्यूज, नारी उत्कर्ष (हिंदी मैगजीन), फोकस टीवी समेत कई संस्थानों में काम किया है. तथ्यों पर सवाल उठाने, डेटा का विश्लेषण करने और सोच-समझकर निर्णय लेने में वह सक्षम हैं. खाली समय में उन्हें किताबें पढ़ना और संगीत सुनना पसंद है. उन्होंने मगध विश्वविद्यालय से बीएससी, पटना विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में एमए किया है.

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