महागठबंधन से JMM की नाराजगी के बीच CM हेमंत सोरेन से मिले अशोक चौधरी, बिहार में कुछ होगा?
Ashok Choudhary Meets CM Hemant Soren: बिहार में महागठबंधन की बैठक पर JMM ने सवाल खड़े कर दिए. इस बीच अशोक चौधरी की सीएम सोरेन से मुलाकात ने सियासी पारा चढ़ा दिया है.

बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं. चुनाव भले ही बिहार में होने हैं लेकिन इसकी सियासी राज्य के बाहर तक देखने को मिल रही है. ऐसे में पड़ोसी राज्य झारखंड इससे कैसे अछूता रह सकता है?
मुख्यमंत्री कार्यालय ने शेयर की तस्वीर
झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी ने शुक्रवार (13 जून) को मुलाकात की. इसकी तस्वीर बकायदा झारखंड मुख्यमंत्री कार्यालय के एक्स हैंडल से शेयर की गई. इसमें लिखा गया, "मुख्यमंत्री से बिहार सरकार में भवन निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने मुलाकात की. मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी."
मुख्यमंत्री श्री @HemantSorenJMM से बिहार सरकार में भवन निर्माण विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. अशोक चौधरी ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री से यह उनकी शिष्टाचार भेंट थी। pic.twitter.com/M7rPJHk1V0
— Office of Chief Minister, Jharkhand (@JharkhandCMO) June 13, 2025
नाराजगी के बीच मुलाकात
इस मुलाकात को शिष्टाचार मुलाकात बताया गया है. लेकिन इस मुलाकात की टाइमिंग ने कई सियासी सवालों को छेड़ दिया है. दरअसल, पटना में गुरुवार (12) जून को महागठबंधन की बैठक हुई. इस बैठक में महागठबंधन के दल शामिल हुए लेकिन हेमंत सोरेन की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा को न्योता नहीं दिया गया. अब जेएमएम नाराज है.
JMM ने महागठबंधन की बैठक पर खड़े किए सवाल
बता दें कि झारखंड में गठबंधन की सरकार है जिसमें कांग्रेस और आरजेडी हिस्सा हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद कुमार पांडे ने महाठबंधन की बैठक में नहीं आमंत्रित किए जाने पर सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा, "पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने का फैसला किया है. हम गठबंधन के तहत चुनाव लड़ेंगे. लेकिन कई बैठकें हो चुकी हैं लेकिन उसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रतिनिधियों को आमंत्रित नहीं करना कहीं न कहीं सवाल खड़े करता है."
JMM ने RJD को दिया संदेश?
अब जब JMM ने बिहार में हुई महागठबंधन की बैठक पर ही सवाल खड़े कर दिए तो ऐसे में क्या पार्टी की नाराजगी के बीच कोई नई सियासी तस्वीर उभर कर सामने आ सकती है? आने वाले समय में इसकी स्थिति साफ हो सकती है. लेकिन एक बात जो अभी साफ है कि महागठबंधन की बैठक में नहीं बुलाए जाने के बाद JMM ने अपना संदेश महागठबंधन खासकर आरजेडी को पहुंचा जरूर दिया है.
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Source: IOCL






















