लाठीचार्ज के बाद देवेंद्र महतो की तबीयत बेहद खराब, अभिजीत दीपके ने किया वीडियो कॉल, हुई यह बात
Ranchi Student Protest: अभिजीत दीपके ने देवेंद्र नाथ महतो से उनका हाल जाना और पुलिस के लाठीचार्ज को छात्रों के अधिकारों का दमन बताया. दीपके ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.

झारखंड में शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज का कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कड़ा विरोध किया है. अभिजीत दीपके ने अस्पताल में उपचार करा रहे छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो से छत्रपति संभाजी नगर में अपने घर में बैठकर वीडियो कॉल के माध्यम से बातचीत की और उनका हाल जाना. साथ ही छात्रों के आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया.
जानकारी के अनुसार, देवेंद्र नाथ महतो पिछले 9 दिनों से शांतिपूर्ण उपोषण पर बैठे थे. इसी दौरान पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज में उन्हें गंभीर चोटें आने की बात कही गई है. उनकी तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार चल रहा है. प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, उनकी स्थिति गंभीर है और उन्हें ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है.
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'पुलिस की बर्बरता, लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन'
अस्पताल से देवेंद्र नाथ महतो ने अभिजीत दीपके से बातचीत के दौरान आंदोलन के दौरान हुई घटना की जानकारी दी. बताया गया कि लाठीचार्ज के बाद उनके सीने में तेज दर्द हुआ और उनकी हालत बिगड़ गई. इस घटना को लेकर दीपके ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे छात्रों के खिलाफ बल प्रयोग को लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया.
CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, “नई दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर झारखंड की सड़कों तक, शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर इस तरह की अमानवीय और क्रूर पुलिस कार्रवाई पूरी तरह अस्वीकार्य है. देवेंद्र भाई छात्र वर्ग के लिए अपनी जान तक दांव पर लगा रहे हैं. CJP उनके न्यायपूर्ण संघर्ष में मजबूती से उनके साथ खड़ी है. हम उनके साहस, दृढ़ता और संघर्ष को सलाम करते हैं.”
'छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता'- अभिजीत दीपके
CJP ने झारखंड में पुलिस कार्रवाई की तत्काल और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही अनशन पर बैठे छात्रों पर लाठीचार्ज के आदेश देने वाले अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है.
अभिजीत दीपके ने कहा कि सरकारी दबाव या पुलिस बल के इस्तेमाल से युवाओं और छात्रों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. CJP ने छात्रों के लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण आंदोलन के समर्थन में आगे भी खड़े रहने की बात कही है.
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