NEET पेपर लीक पर जम्मू-कश्मीर में भी प्रदर्शन, श्रीनगर में कांग्रेस तो जम्मू में सड़कों पर उतरे छात्र
Jammu Kashmir News In Hindi: नीट पेपर लीक मामले को लेकर जम्मू-कश्मीर में भी जोरदार प्रदर्शन किया गया. श्रीनगर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और जम्मू में छात्रों ने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा.

कथित NEET पेपर लीक मामले और दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लेकर देश भर में सुलग रही विरोध की चिंगारी अब जम्मू-कश्मीर में भी पूरी तरह भड़क उठी है. शुक्रवार (24 जुलाई) को जम्मू और श्रीनगर दोनों जगहों पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन हुए. छात्रों और राजनीतिक दलों ने केंद्र सरकार पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है. श्रीनगर स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने NEET धांधली को लेकर उग्र विरोध प्रदर्शन किया.
प्रदर्शनकारियों ने नीट विवाद के कारण छात्रों की मौत की खबरों पर गहरी चिंता जताई और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग की. कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जब प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर मार्च निकालने की कोशिश की, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने उन्हें पार्टी कार्यालय के अंदर ही रोक दिया. कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की और आंदोलनरत छात्रों के प्रति अपनी एकजुटता दिखाई.
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जम्मू में छात्रों का उग्र प्रदर्शन
दूसरी तरफ, जम्मू के बहु प्लाजा इलाके में भी युवाओं और 'कॉकरोच जनता पार्टी' के समर्थकों ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर व्यापक प्रदर्शन किया. हाथों में इस्तीफे की मांग वाले पोस्टर लिए युवाओं ने केंद्र सरकार, दिल्ली पुलिस और बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. छात्रों का सीधा आरोप है कि केंद्र सरकार छात्रों के भविष्य के बारे में न सोचकर सिर्फ धर्मेंद्र प्रधान को बचाने में लगी हुई है.
'इस्तीफे के बिना शांत नहीं होंगे छात्र'
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने साफ तौर पर कहा कि NEET परीक्षा के पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय होनी चाहिए. छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा, "अब देशभर का छात्र अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो चुका है. न तो शिक्षा मंत्री और न ही केंद्र सरकार इस गंभीर मसले पर ध्यान दे रही है. जब तक शिक्षा मंत्री इस्तीफा नहीं देते, तब तक छात्र चुप नहीं बैठेंगे."
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