Budget Session: जम्मू-कश्मीर विधानसभा में 27 दिनों का बजट सत्र आज से, 6 फरवरी को पेश होगा बजट
Jammu-Kashmir News: विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है. सत्र में सरकार के चुनावी वादों, खासकर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर तीखी बहस के आसार हैं. 6 फरवरी को बजट पेश होगा.

जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र सोमवार (2 फरवरी) से शुरू होने जा रहा है. इस सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में सियासी गर्मी देखी जा रही हैं. माना जा रहा है कि विपक्षी दल सरकार को उसके चुनावी वादों पर घेर सकते हैं, खासकर पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करने के मुद्दे पर. ऐसे में सत्र के हंगामेदार रहने की संभावना जताई जा रही है.
वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला 6 फरवरी को विधानसभा में बजट पेश करेंगे. यह उनका मौजूदा कार्यकाल का दूसरा बजट होगा. इससे पहले उन्होंने पिछले साल 7 मार्च को अपना पहला बजट पेश किया था. इस बजट से विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम घोषणाओं की उम्मीद की जा रही है.
27 दिनों तक चलेगा पांचवां सत्र
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का यह पांचवां सत्र कुल 27 दिनों तक चलेगा. सत्र का आयोजन तीन महीने की अवधि में दो हिस्सों में किया जाएगा. इसकी शुरुआत 2 फरवरी को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के संबोधन से होगी. इसके बाद सदन की कार्यवाही आगे बढ़ेगी.
विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने बताया कि सत्र के सुचारू संचालन के लिए सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. उन्होंने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा की गई है.
इसके अलावा सत्र से जुड़े अधिकारियों और मीडियाकर्मियों से भी परामर्श किया गया है, ताकि कार्यवाही की जानकारी समय पर मिलती रहे और उनकी मांगों पर भी विचार हो सके.
सर्वदलीय बैठक में बनी सहमति
अध्यक्ष राथर ने बताया कि शुक्रवार को एक सर्वदलीय बैठक भी बुलाई गई थी, जिसमें विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. बैठक में इस बात पर चर्चा हुई कि सत्र को जनता के लिए ज्यादा उपयोगी और प्रभावी कैसे बनाया जाए. कार्यक्रम को अंतिम रूप देने में व्यापार सलाहकार समिति की भी अहम भूमिका रही.
तीन चरणों में होगा सत्र
विधानसभा द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार बजट सत्र 4 अप्रैल को समाप्त होगा. यह सत्र तीन चरणों में आयोजित किया जाएगा. पहला चरण रमजान शुरू होने से पहले होगा, जबकि बाकी दो चरण ईद-उल-फितर के बाद मार्च और अप्रैल में पूरे किए जाएंगे. कुल मिलाकर, यह बजट सत्र राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है.
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Source: IOCL


























