पहलगाम हमले पर मुस्लिम धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक की मस्जिद में तकरीर, 'मजहब पूछने के बाद...'
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा करते हुए मीरवाइज उमर फारूक ने कहा कि इस घटना ने हमारे दिलों को छलनी कर दिया. दिलों को झक-झोरकर रख दिया है.

Mirwaiz Umar Farooq: हुर्रियत कांफ्रेंस के अध्यक्ष मीरवाइज और कश्मीर के प्रमुख इस्लामिक धर्मगुरु मीरवाइज उमर फारूक ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की निंदा की है. उन्होंने कहा कि बहुत ही अफसोस के साथ हमने ये देखा. इसने हमारे दिलों को छलनी कर दिया. दिलों को झक-झोरकर रख दिया है.
उन्होंने कहा, ''जिस तरह हमने सुना कि शिनाख्त करने के बाद, मजहब पूछने के बाद, परिवार के सामने...खूनी वारदात को अंजाम दिया गया. 25 से अधिक लोगों का कत्ल कर दिया गया. जम्मू-कश्मीर के लोग, हम इसकी निंदा करते हैं.''
#WATCH | Srinagar, J&K: On #PahalgamTerrroristAttack, President of All Parties Hurriyat Conference, Mirwaiz Umar Farooq says, "A very tragic incident took place this week, which has shaken our hearts. The way people were identified, their religion was asked, and more than 25… pic.twitter.com/HA7zTLoFFC
— ANI (@ANI) April 25, 2025
मीरवाइज ने जुमे की नमाज के बाद आतंकी हमले की निंदा की. उन्होंने कहा, ''अपनों को खोने का दर्द हमसे ज्यादा कौन समझ सकता है. हमने कितना बर्दाश्त किया. जिन लोगों के करीबी, रिश्तेदार उनसे दूर किए गए, आज जम्मू-कश्मीर की आवाम खून के आंसू रो रही है. हर कोई इस दर्द को महसूस कर रहा है.''
उन्होंने कहा, ''हम अल्लाह से सब्र की दुआ करते हैं, जो जख्मी हैं, उन्हें जल्द स्वस्थ्य करे. हमारी मेहमानबाजी दुनियाभर में मशहूर है. कश्मीरियों ने इंसानियत,मदद और हमदर्दी की रिवायत को बरकरार रखा है. जान खतरे में डालकर लोगों को बचाने की कोशिश की. आदिल ने जान दे दी. बहादुर कश्मीरी जवानों ने जख्मियों को कंधे पर उठाकर मीलों चलकर उन्हें अस्तपाल पहुंचाए.''
मीरवाइज ने कहा, ''कश्मीर आवाम पीड़ितों के साथ खड़े रहने की कोशिश की. पर्यटक इसकी तारीफ कर रहे हैं. लोगों ने घरों के दरवाजे खोल दिए.''
22 अप्रैल को आतंकियों ने पहलगाम में पर्यटकों को निशाना बनाते हुए हमला किया था. इसमें 26 लोगों की जान चली गई. आतंकियों के खिलाफ ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
Source: IOCL























