Jhelum River: श्रीनगर में बाढ़ के निशान से ऊपर झेलम नदी, जम्मू-कश्मीर में तबाही की आशंका, अलर्ट जारी
Jhelum River Flood: श्रीनगर में झेलम नदी खतरे के निशान को पार कर गई है. साथ ही, संगम पुलवामा में जलस्तर बाढ़ के खतरे के निशान के ऊपर चला गया है. यहां भारी बाढ़ की आशंका जताई जा रही है.

जम्मू-कश्मीर में बीते मंगलवार (2 सितंबर) से ही भारी बारिश से त्राहिमाम बचा है. कई जिलों में लोग और व्यवस्थाएं बेहाल हो गई हैं. भारी बारिश की वजह से बाढ़, भूस्खलन और जलजमाव जैसी स्थिति पैदा हो गई है. वहीं, अब श्रीनगप में झेलम नदी बाढ़ के निशान से ऊपर बह रही है. प्रशासन की ओर से अलर्ट जारी करते हुए अभी से ही सारी तैयारी की जा रही है. लोगों का इवेक्युएशन शुरू हो गया है. कई इलाकों पर बाढ़ का संकट मंडरा रहा है.
झेलम के अलावा चिनाब नदी का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है. चिनाब का वॉटर लेवल 36.5 फीट के करीब है. यहां 2.55 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हुआ है. झेलम नदी भी संगम और राम मुंशी बाग में खतरे के निशान के करीब पहुंच चुकी है.
हाईवे पर भारी ट्रैफिक
जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे पर उधमपुर के गौलमेला इलाके में हाईवे की ट्यूब धंस गई है, जिससे वहां आवागमन बंद है. कठुआ का बसोहली मार्ग 12 दिन से बंद पड़ा है. वहीं, लखनपुर-महानपुर मार्ग को एक महीने से खोला नहीं जा सका है. जोजिला अंडरपास और मुगल रोड पर भी भूस्खलन के चलते ट्रैफिक बंद है.
भारी बारिश से ढहा मकान
जम्मू कश्मीर में भारी बारिश के कारण एक पुराना मकान ढह गया. मकान में फंसे तीन लोगों को बुधवार (3 सितंबर) को सुरक्षित बचा लिया गया. घटना पक्का दांगा क्षेत्र के काली झानी मोहल्ला में हुई. पुलिस और स्थानीय निवासियों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला.
स्थानीय विधायक युधवीर सेठी ने मौके पर पहुंचकर राहत कार्यों की निगरानी की और उपायुक्त से क्षेत्र में पुराने एवं जर्जर भवनों को ढहाने का आग्रह किया, ताकि स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. एक अन्य घटना में, पुराने शहर क्षेत्र में एक इमारत गिर गई. हालांकि, इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है.
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