शिमला SP आवास विवाद, 14 लाख के खर्च पर बैठेगी जांच समिति
Shimla News In Hindi: हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने इस मामले में विशेष ऑडिट के आदेश जारी कर दिए हैं. फंड के स्रोत, स्वीकृति, आवंटन और वास्तविक उपयोग की विस्तृत जांच होगी.

हिमाचल प्रदेश पुलिस मुख्यालय ने शिमला पुलिस अधीक्षक (साउथवुड) के सरकारी आवास पर मरम्मत एवं रखरखाव (Maintenance) कार्यों में हुए लाखों रुपये के खर्च को लेकर कड़ा रुख अपनाया है. मुख्यालय ने इस मामले में विशेष ऑडिट (Special Audit) के आदेश जारी कर दिए हैं. आरोप है कि वर्ष 2022 से 2025 के दौरान एसपी आवास पर मरम्मत कार्यों के नाम पर 14,07,392 रुपये खर्च किए गए, जिसमें फंड डायवर्जन (Fund Diversion) की बात सामने आ रही है.
ऑडिट समिति का गठन
जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, पुलिस अधीक्षक शिमला की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले की विशेष ऑडिट के लिए एक समिति का गठन किया गया है.
- अध्यक्ष: वित्त एवं लेखा (F&A) शाखा के डिप्टी कंट्रोलर.
- सदस्य: एफ एंड ए शाखा के सेक्शन ऑफिसर ललित शर्मा और एस्टेट ब्रांच पीएचक्यू के कांस्टेबल विनय.
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जांच के मुख्य बिंदु (Key Points of Investigation)
समिति मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर गहन जांच करेगी.
- फंड के स्रोत, स्वीकृति, आवंटन और वास्तविक उपयोग की विस्तृत जांच.
- रिकॉर्ड के अनुसार, 11,57,392 रुपये जिला पुलिस शिमला के रेजिडेंशियल हेड से निकाले गए थे.
- इसके अलावा, 2,50,000 रुपये पुलिस पोस्ट शोगी में मरम्मत कार्यों के लिए स्वीकृत किए गए थे.
- समिति सभी वित्तीय दस्तावेजों, बिलों, वाउचरों, कैश बुक, माप पुस्तिका (Measurement Book) और पूर्णता प्रमाण पत्रों की जांच करेगी.
- यह भी देखा जाएगा कि क्या वास्तव में कार्य किए गए थे या नहीं और क्या वित्तीय नियमों का पालन हुआ था.
तय की जाएगी अधिकारियों की जिम्मेदारी
समिति को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वह खर्च के प्रस्ताव, स्वीकृति, भुगतान और उपयोग में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय करे. यदि किसी प्रकार का अनधिकृत फंड डायवर्जन, गलत बुकिंग, प्रक्रिया उल्लंघन, वित्तीय अनियमितता या भ्रामक रिकॉर्ड पाया जाता है, तो उसकी रिपोर्ट भी समिति को देनी होगी.
एक सप्ताह में देनी होगी रिपोर्ट
आदेश के अनुसार, समिति को जांच के लिए सभी मूल रिकॉर्ड उपलब्ध करवाए जाएंगे और उसे एक सप्ताह के भीतर अपनी साक्ष्य-आधारित विस्तृत रिपोर्ट (Evidence-based Report) पुलिस मुख्यालय को सौंपनी होगी.
गौरतलब है कि वर्ष 2022 से 2025 तक शिमला के पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर संजीव गांधी तैनात थे. उन पर हाल ही में यह आरोप भी लगा था कि तबादला होने के बावजूद उन्होंने एसपी के सरकारी आवास को तय समय पर खाली नहीं किया था.
























