हिमाचल: PM मोदी की अपील का असर, राज्यपाल ने आधा किया काफिला, 'पेट्रोल फ्री' रहेगा संडे
Shimla News In Hindi: हिमाचल के राज्यपाल ने PM की अपील पर VIP काफिला आधा किया. 'पेट्रोल-फ्री संडे' व हेलिकॉप्टर पर रोक लागू की. कारपूलिंग, साइकिलिंग और 'वोकल फॉर लोकल' को बढ़ावा दिया.

प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से की गई ईंधन संरक्षण और आत्मनिर्भरता की अपील का हिमाचल प्रदेश में व्यापक असर देखने को मिला है. हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने इस मुहिम को अपना पूरा समर्थन देते हुए कई बड़े और ऐतिहासिक कदम उठाए हैं. उन्होंने अपने आधिकारिक VIP काफिले का आकार तुरंत प्रभाव से आधा कर दिया है.
राज्यपाल ने लोक भवन को “फ्यूल कंजर्वेशन ज़ोन” (Fuel Conservation Zone) घोषित कर दिया है. उन्होंने ऐलान किया है कि अब से हर रविवार को 'पेट्रोल-फ्री संडे' मनाया जाएगा. इसके तहत रविवार के दिन किसी भी आधिकारिक वाहन में पेट्रोल-डीजल का उपयोग नहीं किया जाएगा.
रविवार (17 मई) के सभी सरकारी कार्यक्रम अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए या सामूहिक यात्रा व्यवस्था के माध्यम से ही आयोजित होंगे. इसके अलावा, गैर-जरूरी बैठकों और आयोजनों को भी कम किया जाएगा ताकि वाहनों की आवाजाही घट सके.
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हेलिकॉप्टर के इस्तेमाल पर लगाई रोक
ईंधन बचाने के लिए राज्यपाल कविंदर गुप्ता ने एक और बड़ा फैसला लिया है. उन्होंने घोषणा की है कि जब तक पश्चिम एशिया का संकट समाप्त नहीं हो जाता और वैश्विक स्तर पर ईंधन की कीमतें स्थिर नहीं हो जातीं, तब तक वह किसी भी आधिकारिक कार्यक्रम के लिए राज्य सरकार के हेलिकॉप्टर का उपयोग नहीं करेंगे. उनका मानना है कि जब देश को हर बूंद ईंधन बचाने का संदेश दिया जा रहा है, तब सबसे अधिक ईंधन खर्च करने वाले हेलिकॉप्टर का उपयोग करना सही नहीं है.
विश्वविद्यालयों और युवाओं से खास अपील
- राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (Chancellor) होने के नाते, राज्यपाल ने प्रदेश के सभी कुलपतियों से अपने परिसरों में ऊर्जा और ईंधन संरक्षण तत्काल प्रभाव से लागू करने को कहा है.
- शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्रों को कारपूलिंग (Carpooling), साइकिल चलाने और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने के लिए प्रेरित किया जाएगा.
- राज्यपाल ने युवाओं से छोटी दूरी पैदल या साइकिल से तय करने की अपील की है.
'विदेशी नहीं, देश के पर्यटन स्थलों को चुनें'
राज्यपाल ने "वोकल फॉर लोकल" (Vocal for Local) को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया. उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्थानीय हस्तशिल्प और स्वदेशी वस्तुओं को प्राथमिकता दें. साथ ही, विदेशी दौरों की बजाय देश के ही पर्यटन स्थलों (जैसे हिमाचल प्रदेश) को चुनें. इससे न सिर्फ राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे.
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