हिमाचल विधानसभा के बाहर हंगामा! सत्ता और विपक्ष आमने-सामने, धरना के बीच कार्यवाही स्थगित
Himachal Pradesh News: धर्मशाला में विधानसभा सत्र के दौरान कांग्रेस और बीजेपी विधायकों के बीच नारेबाज़ी और धरने से हालात तनावपूर्ण हो गए. बढ़ते हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा.

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सदन के भीतर व बाहर तपिश देखने को मिल रही है. सत्र के तीसरे दिन विधानसभा गेट के बाहर जमकर हंगामा हो गया. जब बीजेपी और कांग्रेस के सदस्य एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरने पर उतर आए. दरअसल विपक्षी दल बीजेपी के सदस्य हाथ पर तख्तियां लेकर विधानसभा गेट की तरफ नारेबाजी करते हुए बढ़े. जिनमें पूर्व कर्मचारियों की मांगों को लेकर श्लोगन लिखे हुए थे. इसी बीच सत्ता पक्ष के विधायक भी तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए गेट पर आ पहुंचे.
जिनमें मोदी सरकार पर आपदा में हिमाचल के साथ भेदभाव करने के श्लोगन लिखे हुए थे. दोनों ही पक्षों के सदस्यों ने गेट के बाहर जमकर नारेबाजी की. विपक्ष और सत्ता पक्ष एक साथ धरने देते नजर आए और पहाड़ी गाने के जरिये एक दूसरे पर निशाना साधते भी दिखे.
विपक्ष का आरोप, पेंशनरों के हक छीने जा रहे
विपक्ष के नेता जय राम ठाकुर ने कहा कि पूर्व कर्मचारियों को उनके वित्तीय लाभ नहीं दिए जा रहे हैं. पेंशन लंबित पड़ी है. मजबूरन बुढ़ापे में पेंशनरों को अपने हकों के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है. धर्मशाला में आज प्रदेश भर के पेंशनरों ने अपनी मांगो को लेकर धरना प्रदर्शन किया है. लेकिन सरकार उनके लिए कोई कदम नहीं उठा रही है. उल्टा विपक्ष के विधायक उनके धरने के बीच गेट पर आ गए. ऐसी स्थिति में कानून व्यवस्था बिगड़ सकती थी.
सत्ता पक्ष का दावा, केंद्र मदद न देकर कर रहा भेदभाव
उधर सत्ता पक्ष ने आरोप लगाया कि हिमाचल को आपदा में केंद्र से अभी तक कोई मदद नहीं मिली है. प्रधानमंत्री ने 1500 करोड़ की घोषणा की थी उसका एक भी पैसा नहीं मिला. कांग्रेस विधायकों ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए पूछा कि पीडीएनए की राशि कब मिलेगी. इस बीच गेट पर अजीब स्थिति बन गई.
सदन में हंगामा, कार्यवाही स्थगित
11 बजे जैसे ही सदन की कार्रवाई शुरू हुई तो बीजेपी विधायकों ने हंगामा करना शुरू कर दिया. प्रश्नकाल के साथ सदन नेता प्रतिपक्ष जयराम ने प्वाइंट ऑफ ऑर्डर मांगा तो स्पीकर ने प्रश्नकाल के बाद समय देने की बात कही. लेकिन स्पीकर ने समय नहीं दिया. बेल के बीच आए विपक्ष के विधायकों के हंगामे को देखते हुए सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी.






















