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हिमाचल के ढली में घरों पर मंडराता खतरा, कब जागेगा प्रशासन?
Himachal News: हिमाचल के लिंडीधार गांव में फोरलेन निर्माण से डंगे दरक रहे हैं, जिससे घरों को खतरा है। भारी बारिश से दीवार का दूसरा हिस्सा भी ढह गया है.

ढली के समीप लिंडीधार गांव खतरे की जद में
Source : Prakarm Chand
Lunidhar Village Landslide News: हिमाचल प्रदेश के ढली के समीप स्थित लिंडीधार गांव खतरे की जद्द में है. फोरलेन सड़क निर्माण के चलते गांव के डंगे दरक रहे है. शिमला में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश से डंगे (सुरक्षा दीवार) का दूसरा हिस्सा भी ढह गया है. जिससे कई घरों को खतरा पैदा हो गया है. गांव के लोग डर के साए में जी रहे हैं. कई परिवार घरों से बाहर रहने को मजबूर हैं.
90 फुट ऊंची दीवार का एक हिस्सा करीब एक माह पहले ही गिर चुका है. जिसकी चपेट में आने से डेढ़ सौ सेब के पेड़ मलबे में दब गए है. अब दूसरे हिस्से के गिरने का खतरा बना हुआ है. यदि ये डंगा गिरता है तो लोगों के घरों के ऊपर पूरा मलबा गिर सकता है. हालांकि मौके का जायजा लेने खुद पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी मौके पर पहुंचे थे, बावजूद इसके अभी तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई.
अब तक नहीं हुई है कोई ठोस कार्रवाई
ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया है. लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. एसडीएम मनजीत शर्मा भी मोके पर पहुचे और निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को डांट फटकार भी लगाई, साथ ही जल्द ही सुरक्षा दीवार लगाने के निर्देश दिए. 15 दिन बाद दोबारा निरीक्षण की बात कह कर मौके से चले गए.
'हर बार केवल आश्वासन ही मिले'
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवाया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले. अब ग्रामीणों ने चक्का जाम करने की चेतावनी दी है. ग्रामीणों ने दो दिन का समय प्रशासन को दिया है. यदि 2 दिन के भीतर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है तो ढली में सड़कों पर बैठ जाएंगे.
90 फुट ऊंची दीवार का एक हिस्सा करीब एक माह पहले ही गिर चुका है. जिसकी चपेट में आने से डेढ़ सौ सेब के पेड़ मलबे में दब गए है. अब दूसरे हिस्से के गिरने का खतरा बना हुआ है. यदि ये डंगा गिरता है तो लोगों के घरों के ऊपर पूरा मलबा गिर सकता है. हालांकि मौके का जायजा लेने खुद पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह और उपायुक्त अनुपम कश्यप भी मौके पर पहुंचे थे, बावजूद इसके अभी तक कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई.
अब तक नहीं हुई है कोई ठोस कार्रवाई
ग्रामीणों ने कंपनी के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया है. लेकिन प्रशासन और सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. एसडीएम मनजीत शर्मा भी मोके पर पहुचे और निर्माण कर रही कंपनी के अधिकारियों को डांट फटकार भी लगाई, साथ ही जल्द ही सुरक्षा दीवार लगाने के निर्देश दिए. 15 दिन बाद दोबारा निरीक्षण की बात कह कर मौके से चले गए.
'हर बार केवल आश्वासन ही मिले'
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को स्थिति से अवगत करवाया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले. अब ग्रामीणों ने चक्का जाम करने की चेतावनी दी है. ग्रामीणों ने दो दिन का समय प्रशासन को दिया है. यदि 2 दिन के भीतर कोई भी कार्रवाई अमल में नहीं लाई जाती है तो ढली में सड़कों पर बैठ जाएंगे.
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