पानीपत को जाम और अपराध मुक्त करने के लिए प्रशासन सख्त, शुरू की गईं ये तैयारियां
Panipat News: पानीपत को जाम और अपराध से मुक्त करने के लिए प्रशासन ने बड़ी पहल की है. पुलिस ने पानीपत में डिजिटल निगरानी की तैयारी शुरू कर दी है. ट्रैफिक रोकने लिए हाइड्रा क्रेन की चाबी भी सौंपी गई.

पानीपत शहर को जाम मुक्त बनाने और अपराध पर सख्त अंकुश लगाने के लिए प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है. जिला प्रशासन की ओर से 30 टन क्षमता वाली अत्याधुनिक हाइड्रा क्रेन पुलिस विभाग को सौंपी गई है. इसके साथ ही पूरे पानीपत शहर को हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों से लैस करने की योजना को भी अंतिम रूप दे दिया गया है.
मंगलवार (3 फरवरी) को जिला उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र दहिया और पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने हरी झंडी दिखाकर हाइड्रा क्रेन को रवाना किया. इस दौरान ट्रैफिक डीएसपी सुरेश सैनी को हाइड्रा क्रेन की चाबी सौंपी गई. यह क्रेन अब हाईवे और शहर की सड़कों पर दुर्घटनाग्रस्त या खराब पड़े भारी वाहनों को तुरंत हटाकर जाम की स्थिति से निपटेगी.
जाम से निपटने के लिए पार्किंग आय से खरीदी हाइड्रा क्रेन
प्रशासन ने बताया कि हाइड्रा क्रेन की बेस कीमत लगभग ₹52 लाख है, जबकि 18 प्रतिशत जीएसटी जोड़ने के बाद इसकी कुल लागत ₹60–61 लाख आई है. यह क्रेन पुलिस प्रशासन की पार्किंग व्यवस्था से प्राप्त राजस्व से खरीदी गई है.
पार्किंग ठेके से मिली राशि का उपयोग इस संसाधन को जुटाने में किया गया. यह हाइड्रा क्रेन भारी श्रेणी की है और 30 टन तक का वजन उठाने में सक्षम है. बड़े ट्रकों, कंटेनरों और भारी वाहनों को आसानी से खींचकर या उठाकर रास्ते से हटाया जा सकेगा.
इन मामलों में होगी सीधी कार्रवाई
प्रशासन की तरफ से उन मामलों की भी जानकारी दी गई है, जिनमें सीधी कार्रवाई की जाएगी. इसमें अवैध पार्किंग करने वाले वाहनों को उठाकर जब्त कर यार्ड भेजा जाएगा, सड़क दुर्घटनाओं के बाद क्षतिग्रस्त भारी वाहनों को तुरंत हटाया जाएगा. यातायात प्रबंधन को प्रभावी बनाने के लिए भारी वाहनों पर सख्त कार्रवाई होगी और दो महीने में पूरे शहर में CCTV से निगरानी की जाएगी.
पुलिस अधीक्षक ने दी यह जानकारी
पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र सिंह ने बताया कि अगले दो महीनों के भीतर पानीपत के प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर हाई-एंड, हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे. इन कैमरों के माध्यम से लेन वॉयलेशन, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन और शहर में आने-जाने वाले वाहनों की पूरी हिस्ट्री ट्रैक की जा सकेगी.
इसके लिए एक विशेष कंट्रोल रूम बनाया जाएगा, जहां से पूरे शहर की गतिविधियों पर 24 घंटे नजर रखी जाएगी. ट्रकों और ऑटो चालकों पर सख्ती की जाएगी. पानीपत में प्रवेश करने वाले ट्रकों को फर्स्ट लेन में चलने की अनुमति नहीं होगी.
व्यवस्था के लिए शुरू की गई टेंडर प्रक्रिया
इस व्यवस्था के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसका खर्च IOCL के पर्यावरण कोष से किया जाएगा. 15 फरवरी तक लगभग 2 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण पूरा होने की उम्मीद है. सड़क चौड़ी होने के बाद ऑटो रिक्शा के लिए अलग लेन बनाई जाएगी, ताकि वे मनमानी ढंग से खड़े होकर जाम न लगाएं.
साल के अंत तक जाम से राहत का लक्ष्य
प्रशासन ने साफ किया कि इस वर्ष के अंत तक पानीपत की यातायात समस्याओं को पूरी तरह खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है. इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त व नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज यादव, डीएसपी हेड क्वार्टर नरेंद्र कादियान, रेड क्रॉस सचिव गौरव सहित पुलिस व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे.
Source: IOCL


























