हरियाणा: मेवात में PAK जासूसी नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, टेरर फंडिंग केस में हुई 7वीं गिरफ्तारी
Haryana News: मेवात में पाक जासूसी और टेरर फंडिंग मामले में एसआईटी ने 7वीं गिरफ्तारी की. वकील नयूब को मुख्य आरोपी रिजवान का करीबी सहयोगी होने और हवाला लेन-देन के आरोप में पकड़ा गया.

हरियाणा के मेवात में चल रहे बड़े पाकिस्तानी जासूसी और टेरर फंडिंग नेटवर्क पर पुलिस की एसआईटी लगातार कार्रवाई कर रही है. इसी कड़ी में टीम ने 7वीं गिरफ्तारी करते हुए तावडू के गांव भंगवो निवासी युवा वकील नयूब को पकड़ा है. एसआईटी के एक अधिकारी ने उसकी गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि करते हुए बताया कि नयूब की भूमिका संदिग्ध पाई गई, जिसके बाद उसे औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया गया.
तीन दिन की पूछताछ के बाद गिरफ्तारी
सूत्रों के मुताबिक नयूब को तीन दिन पहले ही पूछताछ के लिए उठाया गया था. लगातार पूछताछ में कई अहम बातें निकलकर सामने आईं. पुलिस का कहना है कि अब नयूब को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा सके. अधिकारियों को शक है कि रिमांड के दौरान और भी चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं.
मुख्य आरोपी रिजवान का करीबी सहयोगी
एसआईटी की जांच में सामने आया है कि नयूब इस मामले के मुख्य आरोपी और पहले गिरफ्तार किए गए वकील रिजवान का बेहद करीबी सहयोगी था. दोनों गुरुग्राम कोर्ट में साथ प्रैक्टिस करते थे.
पुलिस का आरोप है कि नयूब, रिजवान के साथ मिलकर हवाला ट्रांजैक्शन और टेरर फंडिंग में सक्रिय था. दोनों पंजाब भी कई बार साथ गए थे, जहां से फंडिंग और कनेक्शन को लेकर महत्वपूर्ण गतिविधियाँ हुईं.
इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपी पकड़े जा चुके हैं. इनमें 5 पंजाब, जालंधर और अमृतसर के हैं, जबकि दो मेवात के वकील हैं. खास बात यह है कि सिर्फ इस साल मेवात से यह चौथी गिरफ्तारी है. मई 2025 में तावडू के गांव कांगरका से तारीफ पकड़ा गया. उसके बाद नगीना क्षेत्र के राजाका गांव से अरमान को पकड़ा गया. फिर खरखड़ी से वकील रिजवान को हवाला और टेरर फंडिंग के केस में गिरफ्तार किया गया. और अब चौथी गिरफ्तारी नयूब की हुई है.
पुलिस ने जांच की तेज
लगातार हो रही गिरफ्तारियों से मेवात में लोग दहशत और हैरानी में हैं. क्षेत्र में चर्चा है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी से जुड़े इन मामलों ने मेवात को अचानक सुर्खियों में ला दिया है. पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और जल्द ही पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है. एसआईटी का दावा है कि रिमांड के दौरान और बड़ी जानकारी मिलने की उम्मीद है, जो इस पूरे मामले की जड़ तक पहुंचने में अहम साबित होगी.
Source: IOCL
























