हरियाणा: यमुनानगर में मुस्लिम लोगों ने कांवड़ियों को पिलाया शर्बत, कहा- 'मोहब्बत बढ़ाना मकसद'
Kanwar Yatra 2025: इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा जल लेने के लिए पिछले 15 दिनों में 4.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे. आज कांवड़ यात्रा का समापन हो गया है.

हरियाणा के यमुनानगर से बुधवार (23 जुलाई) को गंगा-जमनी तहजीब की खूबसूरत तस्वीर सामने आई, जहां कांवड़ ले जा रहे कांवड़ियों का मुस्लिम समुदाय ने स्वागत किया. साथ ही उनके लिए शर्बत और कोल्ड्रिंक का इंतजाम किया.
कांवड़ियों के लिए स्वागत करने वाले लोगों में शामिल एक शख्स ने इस दौरान कहा, "आज कांवड़ियों के लिए शर्बत पीने की व्यवस्था की गई. गांव के मुस्लिम भाइयों ने इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया."
VIDEO | Haryana: Members of the Muslim community welcomed Kanwariyas with refreshments in Yamunanagar.
— Press Trust of India (@PTI_News) July 23, 2025
(Full video available on PTI Videos - https://t.co/n147TvrpG7) pic.twitter.com/iFNyQjFRf2
'प्यार और मोहब्बत बढ़ाना मकसद'
उन्होंने आगे कहा, इसके पीछे हमारा मकसद यही है कि हिंदू और मुसलमानों के बीच प्यार मोहब्बत पैदा हो. हम एक दूसरे की इज्जत करें और एक दूसरे के धर्म की इज्जत करें.
'मुस्लिम भाइयों ने हमारा दिल से स्वागत किया'
वहीं कांवड़ ले जा रहे शख्स ने कहा, "आज सभी मुस्लिम भाइयों ने साथ दिया. गांव के मुसलमानों ने हमारा दिल से स्वागत किया. ये सभी हमसे रास्ते में मिलने पहुंचे."
खत्म हुई कांवड़ यात्रा
सावन माह की कांवड़ यात्रा बुधवार (23 जुलाई) को खत्म हो गई. हरिद्वार में 'बम बम भोले' और 'हर हर महादेव' के जयकारों की गूंज के बीच पखवाड़े भर कांवड़ मेला चला.
इससे पहले यहां लाखों श्रद्धालु शिवालयों में गंगा जल से भगवान आशुतोष का जलाभिषेक करने के लिए उमड़ पड़े. मेला नियंत्रण कक्ष के सूत्रों के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान गंगा जल लेने के लिए पिछले 15 दिनों में 4.5 करोड़ से अधिक श्रद्धालु हरिद्वार पहुंचे.
ये है मान्यता
एक मान्यता के अनुसार, अपने ससुर राजा दक्ष को दिए एक वचन के अनुरूप भगवान शिव पूरे सावन महीने में कनखल में ही निवास करते हैं और इसलिए सबसे अद्भुत नजारा भगवान शिव की ससुराल दक्षप्रजापति महादेव मंदिर में ही नजर आया. यहां पूरा मंदिर परिसर भगवामय था और तड़के से ही शिवभक्तों की लंबी कतारें लग गयीं थीं.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















