चल नहीं पाता 18 महीने का हाथी का बच्चा, स्पेशल इलाज के लिए प्लेन से पहुंचेगा गुजरात
केरल के कोडानड हाथी केंद्र एक 18 महीने का हाथी का बच्चा हड्डियों से जुड़ी एक गंभीर जेनेटिक डिसऑर्डर 'ऑस्टियोपीनिया' से पीड़ित है. इस बच्चे को इलाज के लिए गुजरात के वनतारा भेजा गया है.

केरल के कोडानड हाथी केंद्र से एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सभी को भावुक कर दिया है. यहां एक 18 महीने का हाथी का बच्चा हड्डियों से जुड़ी एक गंभीर जेनेटिक डिसऑर्डर 'ऑस्टियोपीनिया' से पीड़ित है. इस बीमारी के कारण ये बच्चा अपने पैर पर खड़े हो पाने या चल पाने में समर्थ नहीं है.
इस हाथी के बच्चे को अब इलाज के लिए शुक्रवार को चार्टर्ड फ्लाइट से गुजरात के जामनगर स्थित वनतारा पुनर्वास केंद्र भेजा गया है. इस हाथी के बच्चे का वजन 125 से 130 किलोग्राम है और उसे 10-12 लोगों के साथ भेजा गया है.
Months of struggle have brought little Maya to this crucial moment. The 18 month old elephant calf, who has been unable to stand since her fall, is now on her way to specialised care. Airlifted from Kerala to Vantara, Jamnagar, she will receive advanced medical attention and intensive treatment. Pray for Maya. May this journey mark the beginning of her recovery.
— Shalu Singh (@Nationalist_IN) November 6, 2026
एयरपोर्ट ले जाने में मशक्कत
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, इस हाथी के बच्चे को कोडानड केंद्र से कोच्चि के नेदुंबैसेरी एयरपोर्ट तक ले जा पाना इतना आसान नहीं था. इसके लिए खास इंतजाम किए गए थे. इस हाथी को करीब 10 से 12 लोगों की टीम और एक क्रेन की मदद से एक विशेष पशु एम्बुलेंस के जरिए एयरपोर्ट तक ले जाया गया. इसके बाद उसे पशु चिकित्सा विशेषज्ञों के साथ एक चार्टर्ड फ्लाइट के जरिए इसे जामनगर के लिए रवाना कर दिया गया.
केरल के मुख्य वन्यजीव वार्डन पी. पुगाझेंडी ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि इस हाथी के बच्चे को जन्म के तुरंत बाद कोडानड लाया गया था. यहीं उसका इलाज चल रहा था. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "दुर्भाग्य से वो एक बार गिर गया, जिसके बाद हमें पता चला कि उसे कुछ जेनेटिक डिसऑर्डर हैं. जांच में पता चला कि उसे ऑस्टियोपीनिया (Osteopenia) है, जो हड्डियों से जुड़ी एक बीमारी है."
4-6 महीने इलाज में लगेंगे
पुगाझेंडी ने बताया कि केरल में हाथी के बच्चे के विशेष इलाज के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं, इसलिए विभाग ने 'वनतारा' के पशु चिकित्सा विशेषज्ञों सहित अन्य विशेषज्ञों से बातचीत की. अब उसे वहां भेज दिया गया है और उम्मीद है कि यह ठीक हो जाएगा. जैसे ही इसका स्वास्थ्य बेहतर होगा, हम इसे निश्चित रूप से केरल वापस ले आएंगे. उन्होंने बताया कि 'वनतारा' के विशेषज्ञों ने हार्मोनल थेरेपी और हाइड्रोथेरेपी वाला एक इलाज प्लान तैयार किया है. शुरुआती इलाज की अवधि 4 से 6 महीने तय की गई है, लेकिन जेनेटिक डिसऑर्डर होने के कारण इलाज के नतीजों के बारे में पक्के तौर पर कुछ नहीं कहा जा सकता.
वनतारा में उठाएगा सारा खर्च
उन्होंने बताया कि विभाग ने इलाज की प्रगति पर नजर रखने के लिए एक मॉनिटरिंग कमेटी भी बनाई है, जो कम से कम हफ्ते में एक बार रिपोर्ट सौंपेगी. उन्होंने आगे कहा कि महावत तो हमेशा हाथी के बच्चे के साथ रहेगा ही, साथ ही असिस्टेंट फॉरेस्ट वेटरनरी ऑफिसर और अन्य अधिकारी भी समय-समय पर आकर इसकी स्थिति पर नजर रखेंगे. पुगाझेंडी ने बताया कि 'वनतारा' ही इलाज का पूरा खर्च उठायेगा.























