स्कूल में बच्चे को थप्पड़ मारने वाले शिक्षक और प्रधानाचार्य निलंबित, दिल्ली नगर निगम ने लिया एक्शन
Delhi News: दिल्ली नगर निगम ने शाहदरा के स्कूल में कक्षा 1 के छात्र के साथ मारपीट करने के लिए एक शिक्षक और प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया है.

MCD School News: दिल्ली नगर निगम (MCD) ने शाहदरा (उत्तरी) क्षेत्र के निगम प्राथमिक बाल विद्यालय, राजीव नगर-2 में कक्षा 1 के छात्र के साथ मारपीट के मामले में कड़ी कार्रवाई की है. बच्चे को थप्पड़ मारने के आरोप में दोषी शिक्षक और स्कूल के प्रधानाचार्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है .
नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई बच्चों की सुरक्षा और स्कूलों में अनुशासन बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है. निगमायुक्त ने साफ किया कि छात्रों के साथ हिंसा या किसी भी तरह की गलत व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
क्या है मामला?
शाहदरा (उत्तरी) क्षेत्र में स्थित निगम प्राथमिक बाल विद्यालय, राजीव नगर-2 में कक्षा 1 के एक छात्र को शिक्षक द्वारा थप्पड़ मारे जाने की शिकायत मिली थी. जब यह मामला नगर निगम प्रशासन तक पहुंचा, तो तुरंत इसकी जांच शुरू की गई. जांच में शिक्षक को दोषी पाया गया और साथ ही प्रधानाचार्य की लापरवाही भी सामने आई. नगर निगम ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों को निलंबित करने का फैसला लिया.
नगर निगम की कड़ी कार्रवाई
दिल्ली नगर निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम बच्चों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा को सहन नहीं करेंगे. नगर निगम अपने सभी स्कूलों में छात्रों के कल्याण और बेहतरीन शैक्षिक माहौल बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.”
नगर निगम ने सभी शिक्षकों और स्कूल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि छात्रों के साथ किसी भी प्रकार की शारीरिक सजा या दुर्व्यवहार को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा क्यों जरूरी?
बच्चों पर शारीरिक सजा और हिंसा को लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) और शिक्षा मंत्रालय के स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं. शिक्षकों को बच्चों को शारीरिक रूप से दंडित करने की सख्त मनाही है.
विशेषज्ञों का कहना है कि छोटी उम्र के बच्चों पर हिंसा उनके मानसिक और भावनात्मक विकास पर नकारात्मक असर डालती है. इसके अलावा, इससे बच्चों में स्कूल का डर बैठ सकता है और उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो सकती है.
अभिभावकों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद स्कूल के कई अभिभावकों ने इस कार्रवाई की सराहना की और कहा कि बच्चों की सुरक्षा के लिए स्कूलों में कड़ी निगरानी होनी चाहिए. एक अभिभावक ने कहा, “हम अपने बच्चों को स्कूल इस भरोसे के साथ भेजते हैं कि वहां उनकी देखभाल होगी, लेकिन अगर शिक्षक ही बच्चों के साथ मारपीट करेंगे, तो यह बिल्कुल गलत है. नगर निगम ने सही कदम उठाया है.”
नगर निगम ने कहा है कि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी स्कूलों में कड़े दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे. साथ ही, शिक्षकों को बच्चों के साथ सौहार्दपूर्ण और अनुशासित तरीके से पेश आने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा. इस घटना ने एक बार फिर स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और अनुशासन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि नगर निगम इस तरह के मामलों को रोकने के लिए और क्या कदम उठाता है.
ये भी पढ़ें- दिल्ली एयरपोर्ट का टर्मिनल-2 चार से पांच महीने के लिए हो सकता है बंद, जानें वजह
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL






















