पूर्व पीएम के पोते प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े विवाद पर किरण बेदी भड़कीं, पूछे 2 जरूरी सवाल
पूर्व उपराज्यपाल किरण बेदी ने कहा कि अगर किसी कैदी के पास कोई प्रतिबंधित चीज मिलती है, तो इसका मतलब है कि तलाशी ठीक से नहीं हुई.

पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा के पोते और भारतीय जनता पार्टी से पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े जेल विवाद पर पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी ने 2 अहम सवाल पूछे हैं. उन्होंने कहा कि क्या उनकी तलाशी नहीं ली गई थी? क्या इसका मतलब यह है कि तलाशी में कोई चूक हुई? उन्होंने जरूर कोई चाल चली होगी जिससे वे तलाशी के दौरान फोन अंदर ले जाने में कामयाब रहे. ऐसी चीजों का पता लगाने के लिए हर एंट्री पॉइंट पर एक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम होता है.
पूर्व उपराज्यपाल ने कहा कि अगर किसी कैदी के पास कोई प्रतिबंधित चीज मिलती है, तो इसका मतलब है कि तलाशी ठीक से नहीं हुई. फोन को जरूर कहीं छिपाकर अंदर ले जाया गया होगा. उस समय तलाशी के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को इसके लिए जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
क्या है पूरा मामला?
बता दें बेंगलुरु के परप्पना अग्रहारा केंद्रीय कारागार में केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) की छापेमारी के दौरान पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक ‘एंड्रॉयड’ मोबाइल फोन जब्त किया गया. पुलिस महानिदेशक (जेल एवं सुधार सेवाएं) आलोक कुमार ने बुधवार को यह जानकारी दी. कुमार ने बताया कि सीसीबी ने उच्च सुरक्षा वाली इस जेल में बंद हाई-प्रोफाइल और अन्य कैदियों के खिलाफ मंगलवार को चार से पांच घंटे तक तलाशी अभियान चलाया था.
कुमार ने कहा, ‘सीसीबी ने मंगलवार दोपहर जेल में छापेमारी की. प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से एक ‘एंड्रॉयड’ फोन जब्त किया गया है.’उन्होंने बताया कि जेल अधिकारियों ने छह अगस्त को भी रेवन्ना की बैरक की तलाशी ली थी, लेकिन उस समय वहां कोई प्रतिबंधित सामान नहीं मिला था.कुमार ने बताया कि पुलिस महानिदेशक(दक्षिण) की रिपोर्ट के आधार पर सहायक अधीक्षक इरन्ना रंगापुर को कर्तव्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया है, जबकि बेंगलुरु केंद्रीय कारागार के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है. उन्होंने कहा, ‘इस घटना की विस्तृत जांच की जा रही है.’




















