नोटबंदी के 8 साल बाद बड़ा खुलासा, वजीरपुर से 3 करोड़ के पुराने नोट बरामद, कहां से आई इतनी बड़ी रकम?
Delhi News: वजीरपुर में दिल्ली पुलिस ने छापेमारी कर करोड़ों रुपये के पुराने 500 और 1000 के नोट जब्त किए. कई लोग हिरासत में लिए गए है. नकदी के स्रोत और नेटवर्क की जांच जारी है.

उत्तरी दिल्ली के वजीरपुर इलाके में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये मूल्य के पुराने, चलन से बाहर हो चुके नोट जब्त किए हैं. यह कदम अवैध नकदी की आवाजाही से जुड़ी एक गुप्त सूचना के आधार पर उठाया गया. पुलिस की इस छापेमारी ने फिर साबित कर दिया कि नोटबंदी के वर्षों बाद भी पुरानी मुद्रा का गुप्त कारोबार पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है.
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, टीम को सूचना मिली थी कि वजीरपुर इलाके में अवैध नकदी की बड़ी खेप ले जाई जा रही है. इसके बाद स्थानीय पुलिस और विशेष टीम ने मिलकर इलाके में छापेमारी की. छापेमारी के दौरान 500 और 1,000 रुपये के उन पुराने नोटों से भरे कई बैग बरामद हुए, जिन्हें नवंबर 2016 की नोटबंदी के बाद अमान्य घोषित किया गया था.
नोटों से भरे बैग ले जा रहे लोगों से पुलिस कर रही पूछताछ
सूत्रों का कहना है कि नोटों से भरे बैग ले जा रहे कई लोगों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया. इन संदिग्धों से पूछताछ जारी है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह नकदी कहां से आई, किस नेटवर्क से जुड़ी है और इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था. पुलिस का मानना है कि इस अवैध लेन-देन के पीछे एक संगठित गिरोह हो सकता है, जो पुराने नोटों को बाजार में किसी गैरकानूनी तरीके से बदलने या उपयोग करने की कोशिश कर रहा था.
छापेमारी के दौरान दो वाहनों को पुलिस ने किया जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो वाहनों को भी जब्त किया है, जिनका कथित रूप से इस नकदी के परिवहन में इस्तेमाल किया जा रहा था. वाहन अब फॉरेंसिक और तकनीकी जांच के दायरे में लाए जा रहे हैं, ताकि किसी बड़े नेटवर्क या अन्य सह-आरोपियों का पता लगाया जा सके.
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हम हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से पूछताछ कर रहे हैं. हमारा मुख्य उद्देश्य यह समझना है कि यह पुरानी मुद्रा कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय हैं. मामले की जांच तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है.
दिल्ली पुलिस मामले की कर रही जांच
नोटबंदी के आठ साल बाद भी पुरानी, अमान्य हो चुकी मुद्रा का जब्त होना एक गंभीर सवाल खड़ा करता है. यह मामला बताता है कि कुछ नेटवर्क अभी भी ऐसे नोटों के गुप्त उपयोग या विनिमय की कोशिश में सक्रिय हैं, जबकि कानून स्पष्ट रूप से ऐसे किसी भी लेन-देन पर रोक लगाता है. फिलहाल, दिल्ली पुलिस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं.
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Source: IOCL



























