Delhi: फिल्मी स्टाइल लूट का पर्दाफाश, पिता को ही बनाया बेटे ने शिकार, पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा
Delhi Crime News: लक्ष्मी नगर में 10 लाख की लूट का पर्दाफाश हुआ. शिकायतकर्ता के बेटे ने दोस्तों संग मिलकर साजिश रची थी. पुलिस ने बेटे समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लूटी रकम और स्कूटी बरामद की.

देश की राजधानी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके में हुई 10 लाख रुपये की सनसनीखेज लूट का पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर पर्दाफाश कर दिया है. इस मामले में पुलिस के हाथ जो सच लगा, वह बेहद हैरान करने वाला है. लूट की यह खौफनाक साजिश किसी बाहरी अपराधी ने नहीं, बल्कि खुद शिकायतकर्ता के सगे बेटे ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर रची थी. पुलिस ने मुख्य आरोपी बेटे समेत तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और लूटी गई रकम के साथ वारदात में इस्तेमाल की गई स्कूटी भी बरामद कर ली है.
दिल्ली पुलिस के अनुसार, 31 मार्च 2026 को एक पीसीआर (PCR) कॉल के जरिए सूचना मिली थी कि लक्ष्मी नगर इलाके में चेहरे ढके दो अज्ञात बदमाशों ने फायरिंग कर 10 लाख रुपये लूट लिए हैं और मौके से फरार हो गए हैं. दिनदहाड़े हुई इस वारदात के बाद लक्ष्मी नगर थाने में बीएनएस (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम (Special Team) का गठन किया गया.
200 से ज्यादा CCTV खंगाले, तब खुला राज
पुलिस टीम ने घटनास्थल और उसके आसपास के 200 से अधिक सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली. टेक्निकल सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से पुलिस को पता चला कि वारदात का मुख्य मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि शिकायतकर्ता का ही बेटा तवलीन उर्फ रेहत है. पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे मुखर्जी नगर इलाके से गिरफ्तार कर लिया, जब वह भागने की फिराक में था.
लखनऊ टोल प्लाजा से पकड़े गए साथी
मुख्य आरोपी तवलीन से पूछताछ में खुलासा हुआ कि वारदात के बाद उसके दो साथी, मोहित कुमार तिवारी और पंकज, आनंद विहार से एक प्राइवेट बस पकड़कर बिहार की तरफ भाग रहे हैं. इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीम ने बस का पीछा किया और लखनऊ टोल प्लाजा के पास बस को रोककर दोनों आरोपियों को धर दबोचा.
मुंगेर से खरीदा हथियार
पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों आरोपी जल्दी अमीर बनकर ऐशो-आराम की जिंदगी जीना चाहते थे. किसी को शक न हो, इसलिए तीनों आरोपी पहले से ही मुख्य आरोपी (बेटे) के घर पर रह रहे थे और वहीं बैठकर पूरी प्लानिंग की. पंकज ने इस योजना का खाका तैयार किया था. वारदात के वक्त बेटा तवलीन सफेद रंग की एक्टिवा स्कूटी चला रहा था, जबकि पीछे बैठा मोहित फायरिंग कर रहा था. मोहित कुमार तिवारी ने फायरिंग के लिए बिहार के मुंगेर से करीब 45 हजार रुपये में पिस्टल खरीदी थी.
पुलिस ने लूटी गई रकम और स्कूटी बरामद कर ली है. हालांकि, वारदात में इस्तेमाल की गई पिस्टल की बरामदगी अभी बाकी है. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि हथियार मुंगेर में किस सप्लायर के जरिए खरीदा गया था.
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Source: IOCL



























