कोर्ट ने उमर खालिद को दी राहत, परिवार से हफ्ते में दो बार कर सकेंगे वीडियो कॉल पर बात
Umar Khalid News: दिल्ली की अदालत ने उमर खालिद को सप्ताह में दो बार परिवार के साथ वीडियो कॉल पर बात करने की इज्जात दे दी है. अदालत ने बिना किसी वजह के मई 2026 में इसी घटाकर एक बार कर दिया था.

दिल्ली की अदालत ने जेल में बंद कार्यकर्ता उमर खालिद को सप्ताह में दो बार परिवार के साथ वीडियो के जरिए बातचीत (ई-मुलाकात) की अनुमति दे दी है. खालिद के वकील ने दावा किया था कि बिना कोई कारण बताए मई 2026 से यह सुविधा दो बार से घटाकर एक बार कर दी गई थी.
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने कहा कि खालिद पिछले छह साल से इस सुविधा का लाभ ले रहा है और इस दौरान उसने जेल के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया है. खालिद ने सप्ताह में दो बार वीडियो कॉल के जरिये परिवार से बातचीत की अनुमति देने का अनुरोध करते हुए अर्जी दाखिल की थी, जिसपर अदालत ने यह आदेश जारी किया.
दिल्ली जेल नियमों के प्रावधान का उल्लंघन ना करने पर अदालत ने दी अनुमती
खालिद साल 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े बड़ी साजिश के मामले में मुकदमे का सामना कर रहा है. अदालत ने 13 जुलाई को जारी आदेश में कहा, 'क्योंकि याचिकाकर्ता पिछले छह सालों से सप्ताह में दो ‘ई-मुलाकात’ की सुविधा का इस्तेमाल कर रहा है और उसने दिल्ली जेल नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है, इसलिए उसे अपनी मां और परिवार के अन्य सदस्यों से बात करने के लिए सप्ताह में दो ई-मुलाकात की अनुमति दी जाती है.'
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खालिद और कई अन्य लोगों पर दंगों का ‘मुख्य साजिशकर्ता’ होने का आरोप
खालिद के वकील ने अदालत को बताया कि जेल जाने के बाद से उनके मुवक्किल को हर सप्ताह दो ई-मुलाकात की अनुमति मिलती रही थी, लेकिन मई 2026 से बिना कोई कारण बताए इसे सप्ताह में एक कर दिया गया जबकि उन्होंने जेल के किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं किया था. हालांकि अदालत ने कहा कि खालिद पिछले छह सालों से हर सप्ताह दो ई-मुलाकात की सुविधा का लाभ ले रहा है और इस दौरान उसने दिल्ली जेल नियमों के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन नहीं किया है.
खालिद, शरजील इमाम और कई अन्य लोगों के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) तथा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था. उन पर फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हुए दंगों का ‘मुख्य साजिशकर्ता’ होने का आरोप है.
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