दिल्ली के वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत धाराशायी, मलबे से निकाले गए 6 शव, 8 लोग जख्मी
Delhi Building Collapse: दिल्ली के वेलकम इलाके में चार मंजिला इमारत गिरने के बाद बचाव अभियान के लिए एनडीआरएफ समेत कई एजेंसियों को तैनात किया गया है. दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौजूद हैं.

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में शनिवार (12 जुलाई) को सुबह चार मंजिला इमारत ढहने से दो साल की बच्ची सहित 6 लोगों की मौत हो गई, जबकि आठ लोग घायल हुए हैं. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. अधिकारी ने बताया कि इमारत के मालिक, उनकी पत्नी, दो बेटों और दो अन्य लोगों के शव मलबे से निकाले गए और उन्हें जीटीबी अस्पताल भेज दिया गया. उन्होंने बताया कि आठ लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि मलबे में अबतक फंसे लोगों को बचाने के प्रयास जारी हैं.
अधिकारी ने आगे बताया कि बचाव अभियान के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) समेत कई एजेंसियों को तैनात किया गया है. वहीं, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें वेलकम पुलिस थाने में शनिवार सुबह लगभग सात बजकर चार मिनट पर ईदगाह, वेलकम के निकट चार मंजिला इमारत के ढहने की सूचना मिली. जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो पाया कि इमारत की तीन मंजिलें ढह चुकी थीं.’’
बिल्डिंग हादसे में अब तक 8 घायलों को बचाया गया
उन्होंने कहा, ‘‘अब तक आठ घायलों को बचाया गया है. सात को जेपीसी अस्पताल और एक को जीटीबी अस्पताल में इलाज के लिए भेजा गया है. सभी बताए गए लापता व्यक्तियों को बचा लिया गया है. हालांकि, बचाव अभियान अब भी जारी है.’’ एडिशनल पुलिस डिप्टी कमिश्नर (उत्तर-पूर्वी) संदीप लांबा ने कहा, ‘‘इमारत के मालिक मतलूब अपने परिवार के साथ इसी इमारत में रहते थे, भूतल और पहली मंजिल खाली हैं. सामने वाली इमारत को भी नुकसान पहुंचा है.’’
हादसे में मृतकों और घायलों के नाम
इस घटना में मतलूब (50), उनकी पत्नी राबिया (46) और दो बेटे जावेद (23) एवं अब्दुल्ला (15) की मौत हो गई. हादसे में 27-वर्षीय जुबिया और उनकी दो-वर्षीय बेटी फोज़िया सहित दो और लोग भी मारे गए हैं. घायलों में मतलूब के दो अन्य बेटे परवेज (32), उसकी पत्नी सिजा (21), उनका एक वर्षीय बेटा अहमद और नावेद (19) शामिल हैं. जमींदोज इमारत के सामने वाली इमारत में रहने वाले गोविंद (60), उनके भाई रवि कश्यप (27) और उन दोनों की पत्नी- क्रमश: दीपा (56) और ज्योति (27), भी घायल हैं और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
स्थानीय लोगों ने मलबे में फंसे कई लोगों को निकाला
सामने वाली इमारत में रहने वाले एक अन्य व्यक्ति अनीस अहमद अंसारी ने बताया कि इस घटना में उन्हें भी मामूली चोटें आई हैं. उन्होंने कहा, ‘‘जैसे ही इमारत गिरी, मलबा हमारी इमारत पर गिरा और मैं भी घायल हो गया. स्थानीय लोग परिवार को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं. हमें उम्मीद है कि वे सुरक्षित होंगे.’’ इमारत उस समय ढही जब स्थानीय लोग सुबह की सैर पर निकले थे. सैर पर निकले कई लोग सबसे पहले सहयोग का हाथ बंटाने वालों में शामिल थे और अग्निशमन अधिकारियों के घटनास्थल पर पहुंचने से पहले ही फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश की.
दमकल की 7 गाड़ियां मौके पर मौजूद
दिल्ली अग्निशमन सेवा प्रमुख अतुल गर्ग ने बताया कि सीलमपुर में ईदगाह रोड के पास जनता कॉलोनी की गली नंबर-पांच में बचाव अभियान के लिए सात दमकल गाड़ियां घटनास्थल पर भेजी गईं. पड़ोस में रहने वाली आसमा ने मीडिया को बताया, ‘‘सुबह करीब सात बजे मैं अपने घर में थी, तभी मुझे तेज आवाज सुनाई दी और चारों तरफ धूल ही धूल थी. जब मैं नीचे आई तो देखा कि हमारे पड़ोसी का घर ढह गया था.’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमें नहीं पता कि कितने लोग फंसे हुए हैं, लेकिन वहां 10 लोगों का एक परिवार रहता है.’’
बीजेपी सांसद मनोज तिवारी ने घटना पर जताया दुख
उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सांसद मनोज तिवारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘हमारी लोकसभा के सीलमपुर विधानसभा स्थित वेलकम क्षेत्र के जेजे क्लस्टर में दुखद रूप से एक तीन मंजिला मकान गिर गया है. एनडीआरएफ के कर्मी बचाव अभियान में जुटे हैं.’’ उन्होंने कहा, ‘‘अधिकारियों से बात हुई है, 2-3 फुट की अत्यंत संकरी गली होने के कारण थोड़ी समस्या हो रही है, पर चार लोगों को बचाकर हॉस्पिटल पहुंचा दिया गया है. वे खतरे से बाहर हैं. दो की मौत हो गई है.’’
तिवारी ने लिखा, ‘‘अब भी बचाव अभियान जारी है. एक दो लोगों के फंसे होने की आशंका है. गली संकरी है, इसलिए बचाव अभियान पूरा होने तक लोग उधर से जाने से बचें, यह निवेदन है. प्रमुख अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद हैं.’’
Source: IOCL





















