जनकपुरी में AAP और BJP के बीच हो सकती है कड़ी टक्कर, जानें समीकरण
Delhi Assembly Election 2025: जनकपुरी विधानसभा सीट पर बीजेपी और आप में कड़ी टक्कर है. 1993 में बीजेपी ने जीत हासिल की थी, लेकिन 2013 से आप लगातार जीत रही है. इस बार आप हैट्रिक लगाने की कोशिश में है.

Delhi Election 2025: पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के तहत आने वाली जनकपुरी विधानसभा सीट सामान्य श्रेणी में आती है, जहां 2013 तक भारतीय जनता पार्टी का दबदबा रहा, लेकिन उसके बाद से लगातार दो चुनावों में यहां से आम आदमी पार्टी जीतती आ रही है और इस बार आप यहां से हैट्रिक लगाने की कवायद में पूरे दम-खम से चुनावी प्रचार में जुटी हुई है तो वहीं बीजेपी और कांग्रेस ने भी अपनी पूरी ताकत झोंक रखी है. ऐसे में हम आज आपको इस सीट पर कब किसने जीत हासिल की यह पूरी जानकारी देने जा रहे हैं.
आपको बता दें कि परिसीमन के बाद अस्तित्व में आये इस विधानसभा सीट पर 1993 में पहला चुनाव हुआ जिसमें बीजेपी ने जीत हासिल की और जगदीश मुखी यहां से विधायक चुने गए. मुखी ने बाद के चुनावों में भी बीजेपी का दबदबा बनाए रखा और वर्ष 2008 तक उन्होंने यहां पर शानदार तरीके से जीत दर्ज की.
2013 में आप की एंट्री के बाद भी वे इस सीट को जीतने में सफल रहे, लेकिन जीत का अंतर काफी कम रहा और फिर 2015 में उन्हें आप के राजेश ऋषि के हाथों 25 हजार से अधिक मतों के भारी अंतर से शिकस्त झेलना पड़ा. 2020 के चुनाव में बीजेपी ने यहां से अपना प्रत्याशी बदल दिया जबकि आप ने राजेश ऋषि पर भरोसा बनाए रखा, जिन्होंने बीजेपी के आशीष सूद को लगभग 15 हजार मतों से मात दी.
इन चेहरों पर पार्टियों ने लगाया दांव
बात करें इस बार के चुनाव में तीनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों की तो, बीजेपी ने जहां पिछले बार के प्रत्याशी आशीष सूद पर भरोसा करते हुए दोबारा यहां से टिकट दिया है, तो वहीं आप ने प्रवीण कुमार और कांग्रेस ने पंजाबी परिवार से ताल्लुक रखने वाली युवा महिला प्रत्याशी हरबानी कौर पर दांव लगाया है. वह इस चुनाव में दिल्ली की सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं.
सिख मतदाताओं की संख्या यहां अधिक
इस विधानसभा क्षेत्र में बड़ी संख्या में सिख मतदाता हैं. जिन्हें लुभाने के लिए बीजेपी ने 1984 के सिख दंगा पीड़ितों के परिवारों को सहायता देकर अपने पक्ष में करने की कोशिश की है. यहां के कुल मतदाताओं की संख्या 1,96,073, जिनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 1,01,923 और महिला मतदाता 94,140 हैं, जबकि महज 10 मतदाता थर्ड जेंडर के हैं. बीजेपी ने इस सीट पर वापसी की उम्मीद में पूरा जोर लगा रखा है और ऐसा माना जा रहा है कि, यहां पर आप और बीजेपी के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल सकती है क्योंकि 2020 में हुए पिछले चुनाव में आप और बीजेपी की जीत-हार के बीच का अंतर 2015 के चुनाव की तुलना में बहुत कम था.
ये हैं यहां की प्रमुख समस्याएं
बात करें यहां की प्रमुख समस्याओं और मुद्दों की तो, जनकपुरी विधानसभा क्षेत्र में सड़क, सफाई, पानी, पार्किंग, जाम और सीवर की समस्या आज भी लोगों के लिए सरदर्द बनी हुई है. जगह-जगह कूड़ों का ढेर देखने को मिलता है, जबकि कई बार यहां सड़क धंसने की घटनाएं भी सामने आ चुकी है.
अब देखना दिलचस्प होगा कि सक्रिय राजनीति से दूर हुए जगदीश मुखी की राजनीतिक कर्म-भूमि में बीजेपी वापसी कर पाती है या आम आदमी पार्टी का झाड़ू तीसरी बार भी यहां विरोधियों का सफाया करने में कामयाब हो पाता है या फिर कांग्रेस यहां पर युवा पंजाबी नेता के दम पर कोई चमत्कार कर पहला चुनाव जीतने में सफल होती है.
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