छत्तीसगढ़ के 'प्रयाग' में राजिम कुंभ कल्प, 26 फरवरी तक चलेगा कार्यक्रम, देशभर से पहुंचे संत
Rajim Kumbh Kalp 2025: छत्तीसगढ़ के राजिम में तीन नदियों का संगम होता है जिसे त्रिवेणी संगम कहा जाता है. इस संगम पर हर वर्ष राजिम कुंभ कल्प मेला का आयोजन किया जाता है.

Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में राजिम कुंभ कल्प का शुभारंभ 12 फरवरी को हो गया. हर वर्ष माघ पूर्णिमा से शिवरात्रि के बीच इस कुंभ का आयोजन किया जाता है. सीएम विष्णु देव साय ने देशवासियों से अपील की कि वे मेले में शिरकत करें और साधु-संतों का आशीर्वाद प्राप्त करें.
राजिम कल्प 2025 का शुभारंभ त्रिवेणी संगम पर हुआ जहां महानदी, पैरी और सोंढुर का संगम होता है. इस मेले को लेकर लोगों में खासा उत्साह है. महाकुंभ के पहले दिन आयोजित कार्यक्रम में राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे और राजीव लोचन मंदिर में पूजा की थी. वहीं, कुंभ में पहुंचे साधु-संतों ने अपने विचार प्रस्तुत किए. उन्होंने कहा कि यह मानवता, समरसता और शांति का संदेश फैलाता है. इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने प्रस्तुति दी. वहीं, मैथिली ठाकुर ने भी अपनी सुरीली आवाज से समा बांधा.
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— Chhattisgarh Culture Department (@CGCultureDeptt) February 13, 2025
सीएम साय ने देशवासियों से की यह अपील
राजिम कुंभ को लेकर सीएम साय ने 'एक्स' पर लिखा, ''आस्था और सनातन संस्कृति का भव्य संगम, हमारा राजिम कुंभ कल्प. माघ पूर्णिमा से लेकर महाशिवरात्रि तक धर्म नगरी राजिम के महानदी, पैरी और सोंढूर के संगम पर लगने वाले मेले का श्रद्धालुओं में अपार उत्साह होता है. मंत्रों की गूंज, शंखनाद की मधुर ध्वनि, आस्था के अविरल प्रवाह और पूज्य साधु-संतों के आशीर्वाद से आलोकित इस कुम्भ कल्प में आप सभी का हार्दिक स्वागत है. कुलेश्वर महादेव और भगवान राजीव लोचन की कृपा आप सभी पर सदैव बनी रहे."
छत्तीसगढ़ के प्रयाग में शिव परिवार की पूजा
राजिम कुंभ 12 से 26 फरवरी तक चलेगा. मेले में शिव परिवार की पूजा की जाती है. इस मेले में देशभर से साधु-संत पहुंचे हुए हैं. साथ ही नागा साधु भी पहुंचते हैं. राजिम को छत्तीसगढ़ का 'प्रयाग' भी कहा जाता है. कुंभ के दौरान घाटों पर श्रद्धालु पूजा भी करते हैं.
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