छत्तीसगढ़ गठन के बाद से BJP का गढ़ बनी हैं ये सीटें, जीत पाने के लिए क्या करेगी कांग्रेस?
Lok Sabha Election: राजनीतिक विश्लेषक बीजेपी की सफलता का राज बताते हैं. बीजेपी चुनावी मशीनरी की तरह काम करती है. 12 महीने बूथ लेवल पर काम करने वाली पार्टी बीजेपी है.

Chhattisgarh Lok Sabha Election 2024: छत्तीसगढ़ की 11 लोकसभा सीटों पर तीन चरणों में मतदान कराये जायेंगे. बीजेपी ने सभी सीटों पर कमल खिलाने का दावा किया है. वर्तमान में 9 सीटों पर बीजेपी का कब्जा है और 2 सीट कांग्रेस की झोली में है. राज्य गठन के बाद लोकसभा चुनाव में बीजेपी को हमेशा भारी बढ़त मिली है. बीजेपी ने 2004, 2009 और 2014 में लोकसभा की 10 सीटों पर जीत हासिल की थी. 2018 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था.
बीजेपी का 11 सीटों पर जीत का लक्ष्य
2019 के लोकसभा चुनाव में मोदी फैक्टर ने बीजेपी को 9 सीटों पर जीत दिलायी. छत्तीसगढ़ राज्य बनने के बाद रायपुर, राजनांदगांव, बिलासपुर सरगुजा, रायगढ़, जांजगीर चांपा, कांकेर में बीजेपी लगातार लोकसभा का चुनाव जीतते आ रही है. इस बार पार्टी ने राज्य की सभी सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा है. बीजेपी ने टिकट वितरण राजनीतिक और जातिगत समीकरण को ध्यान में रखते हुए किया है.
रायपुर में सांसद सुनील सोनी का टिकट काटकर आठ बार के विधायक और सरकार में शिक्षा मंत्री बृजमोहन अग्रवाल को प्रत्याशी बनाया गया है. पूर्व राज्यसभा सांसद सरोज पांडे को दुर्ग से कोरबा में लोकसभा का चुनाव लड़ाया जा रहा है. बस्तर लोकसभा क्षेत्र में धर्मांतरण जैसे मुद्दे हावी रहे हैं. इसलिए धर्मांतरण के मुद्दे को मुखरता से उठानेवाले सरपंच को लोकसभा का प्रत्याशी बनाया गया है. पूर्व मुख्यमंत्री डॉ रमन सिंह के राजनांदगांव लोकसभा से संतोष पांडे पर बीजेपी ने दोबारा भरोसा जताते हुए प्रत्याशी बनाया है.
राजनांदगांव की हाई प्रोफाइल सीट पर कांग्रेस ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को चुनावी मैदान में उतारा है. वरिष्ठ पत्रकार प्रफुल्ल पारे कहते हैं कि रणनीति, प्रबंधन, मोदी की गारंटी जैसे फैक्टरों पर प्रदेश में बीजेपी का माहौल बना हुआ है. कांग्रेस एक सीट पर भी जीत की दावेदारी करने की स्थिति में नहीं है. बूथ मैनेजमेंट के साथ बीजेपी काम कर रही है. कांग्रेस फिलहाल बीजेपी की रणनीति के आगे बेबस नजर आ रही है. 11 सीटों में कम से कम 10 बीजेपी के खाते में जाएगी. पीएम मोदी की चुनावी रैली से भी बीजेपी के पक्ष में माहौल बनेगा.
'कांग्रेस के पास रणनीति का अभाव'
आचार संहिता लगने के पहले बीजेपी ने सभी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है. कांग्रेस के पास पुख्ता रणनीति की कमी नजर आ रही है. बीजेपी के प्रमुख प्रवक्ता गौरीशंकर श्रीवास का कहना है कि छत्तीसगढ़ कांग्रेस का किला था. लेकिन कार्यकर्ताओं की मेहनत से छत्तीसगढ में बीजेपी की सरकार बनी. मोदी की गारंटी का भी असर है. विधानसभा, लोकसभा चुनाव में बूथ स्तर पर काम कर चुके हैं. इस कारण हमें लगता है कि जनता एक बार प्रदेश में लोकसभा की 11 सीटें देगी.
प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया है. कांग्रेस अपराधियों की पार्टी बन चुकी है. जनता के बीच कांग्रेस विश्वास खो चुकी है. प्रदेश की जनता मोदी पर भरोसा कर रही है. राजनीतिक विश्लेषक अजयभान सिंह ने बताया कि बीजेपी चुनावी मशीनरी की तरह काम करती है. 12 महीने बूथ लेवल पर काम करने वाली पार्टी बीजेपी है. जिला संभाग और मंडल स्तर पर लगातार चुनाव प्रबंधन में लगी रहती है. लोकसभा चुनाव की घोषणा से पहले प्रबंधन का काम मुकम्मल हो चुका था. यही कारण है कि विधानसभा चुनाव में सफलता मिली.
बीजेपी ने मजबूत प्रबंधन से प्रदेश में सरकार बनाई. 11 सीटों पर जीत दिलाना मतदाताओं के विवेक पर करता है. कांग्रेस के मुकाबले बीजेपी बहुत आगे जा चुकी है. उसकी चुनावी तैयारी बहुत बेहतर है. बीजेपी के बेहतर प्रदर्शन करने में कोई आश्चर्य नहीं होगा. कांग्रेस प्रवक्ता धनंजय ठाकुर का कहना है कि बीजेपी नेताओं की करनी और कथनी में अंतर है. पिछले 10 वर्षों में बीजेपी जनता की अपेक्षा पर खरे नहीं उतरी. सिर्फ बड़े-बड़े दावे करती है. वक्त पर जनता जवाब देगी. जनता का रुझान इस बार कांग्रेस की तरफ है. बीजेपी की हालत 11 लोकसभा क्षेत्रों में पतली हो चुकी है.
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Source: IOCL





















