छत्तीसगढ़: DJ पर नाचते-नाचते बच्चे की हार्ट अटैक से मौत, हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी
Chhattisgarh News: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में डीजे शोर पर जनहित याचिका की सुनवाई हुई. सरकार कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन कर रही है, जिसमें 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान होगा.

छत्तीसगढ़ में डीजे और साउंड बाक्स के शोर से आम लोगों को होने वाली परेशानियों को लेकर जनहित याचिका पर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. राज्य शासन की ओर से बताया गया कि कड़ी कार्रवाई के लिए राज्य के कोलाहल नियंत्रण अधिनियम में संशोधन के लिए शासन स्तर पर प्रक्रिया जारी है. संशोधित नियम में 5 लाख रुपये जुर्माने का प्रावधान है. कोर्ट ने बलरामपुर जिले में गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर नाचते समय नाबालिग की मौत को भी गंभीरता से लेकर शासन से जवाब मांगा है.
बलरामपुर क्षेत्र राजपुर के महुआ-पारा निवासी प्रवीण गुप्ता शनिवार को गणेश प्रतिमा विसर्जन में शामिल हुआ. डीजे की तेज आवाज के बीच प्रवीण डांस कर रहा था. अचानक उसे बेचैनी होने लगी और जमीन पर गिर गया. उसे सांस लेने में दिक्कत होने पर दोस्तों ने सीना दबाकर पंप भी किया. अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. हाईकोर्ट ने शासन से पूछा कि रोक के बाद भी इतनी तेज आवाज में डीजे कैसे बज रहा था. इसमें अभी तक क्या जिम्मेदारी तय की गई है?
बलरामपुर में क्यों नहीं लगाया प्रतिबंध
सुनवाई के दौरान बात सामने आई कि बलरामपुर जिले में डीजे प्रतिबंधित नहीं किया गया था. जबकि राजधानी रायपुर समेत पूरे प्रदेश में गणेश विसर्जन के दौरान डीजे पर विशेष तौर पर प्रतिबंध लगाया गया था. लेकिन बलरामपुर में प्रशासन ने डीजे पर प्रतिबंध नहीं लगाया, जिस कारण तेज आवाज में डीजे बजाया जा रहा था. कोर्ट ने कहा कि 50 डेसिबल से ज्यादा शोर खतरनाक हो सकता है इसके बावजूद डीजे बेतहाशा शोर कर रहे हैं.
'डीजे पर प्रतिबंध के लिए कानून में नहीं हैं कड़े प्रावधान'
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि राज्य के अधिनियम में कड़े प्रावधान हैं ही नहीं. एक या दो बार 500-1000 रुपये पेनाल्टी लगाकर छोड़ दिया जाता है. ना सामान की जब्ती होती है और ना ही कोई कार्रवाई. कोर्ट ने मामले में सरकार को कार्रवाई के संबंध में जवाब प्रस्तुत करने कहा.
याचिकाकर्ताओं की तरफ से बताया गया कि केन्द्र सरकार की नॉइज़ पाल्यूशन कंट्रोल पॉलिसी के तहत पांच लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है. छग में इसे अभी तक लागू नहीं किया गया है. सरकार की ओर से कहा गया कि ध्वनि प्रदूषण पर रोक के लिए संशोधित नियम विधानसभा से पास कराया जाएगा और कड़े प्रतिबंध लागू किए जाएंगे.
टॉप हेडलाइंस
Source: IOCL























