छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र: सरकार और विपक्ष आमने-सामने, खाद-बीज और वेदांता हादसे पर हंगामा
Chhattisgarh Assembly Monsoon Session: विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन खाद-बीज की कमी, वेदांता प्लांट हादसे और पेयजल आपूर्ति पर सरकार-विपक्ष में जमकर बहस हुई.

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में किसानों के लिए खाद-बीज की उपलब्धता, अमृत मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति और औद्योगिक दुर्घटनाओं में जवाबदेही जैसे मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच जमकर टकराव देखने को मिला. विपक्ष ने खाद-बीज की कमी को लेकर सरकार को घेरा, नारेबाजी की और गर्भगृह में पहुंचने पर विपक्षी सदस्य खुद निलंबित हो गए. वहीं वेदांता प्लांट हादसे और औद्योगिक सुरक्षा को लेकर भी सदन में तीखी बहस हुई.
प्रश्नकाल की शुरुआत अमृत मिशन योजना से हुई. भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने रायपुर शहर में पेयजल आपूर्ति का मुद्दा उठाते हुए पूछा कि सरकारी आंकड़ों के अनुसार अभी भी करीब 1.21 लाख घरों तक पानी नहीं पहुंच रहा है. उन्होंने यह भी जानना चाहा कि योजना पूरे शहर के लिए लागू की जा रही है या वार्डवार काम हो रहा है.
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इस पर लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) मंत्री अरुण साव ने बताया कि फिलहाल करीब 2.21 लाख घरों तक जलापूर्ति की जा रही है. उन्होंने कहा कि जिन घरों तक अभी पाइपलाइन नहीं पहुंची है, वहां भी तेजी से काम चल रहा है और सभी घरों तक पानी पहुंचाने का लक्ष्य है.
खाद-बीज के मुद्दे पर विपक्ष का हंगामा
शून्यकाल में कांग्रेस ने किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने डीएपी खाद की कमी, अमानक खाद की सप्लाई और किसानों को हो रही परेशानियों का मुद्दा उठाते हुए सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया.
विपक्षी सदस्य सरकार के खिलाफ नारे लगाते हुए गर्भगृह तक पहुंच गए. विधानसभा की नियमावली के तहत गर्भगृह में पहुंचने वाले सदस्य स्वतः निलंबित हो गए, जिसके बाद सदन में कुछ देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.
खाद और बीज की कोई कमी नहीं- सरकार
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में खाद और बीज का पर्याप्त भंडारण मौजूद है. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के प्रयासों और केंद्र सरकार के सहयोग से इस बार पिछले वर्षों की तुलना में अधिक मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराया गया है.
मंत्री ने दावा किया कि राज्य में 90 प्रतिशत से अधिक खाद-बीज का भंडारण पूरा हो चुका है और किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं होने दी जाएगी.
वेदांता प्लांट हादसे पर भी गरमाया सदन
प्रश्नकाल के दौरान नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने डबरा स्थित वेदांता प्लांट हादसे का मुद्दा उठाया. उन्होंने पूछा कि हादसे के बाद कंपनी के निदेशक की गिरफ्तारी हुई है, तो क्या भविष्य में हर औद्योगिक दुर्घटना में कंपनी मालिकों की जवाबदेही तय की जाएगी.
सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने सदन से वॉकआउट कर दिया. वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि पहले हुई कई बड़ी औद्योगिक दुर्घटनाओं में कंपनी मालिकों पर कार्रवाई नहीं हुई, ऐसे में अब केवल एक मामले में कार्रवाई क्यों की जा रही है.
सरकार ने गिनाए सुरक्षा और मुआवजे के आंकड़े
उद्योग एवं श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि राज्य में उद्योगों में नियमित सेफ्टी ऑडिट कराया जा रहा है और बॉयलर ऑपरेटरों को प्रशिक्षण भी दिया गया है. उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों में 1,400 नए उद्योग स्थापित हुए हैं, जिनसे करीब 60 हजार लोगों को रोजगार मिला है.
उन्होंने यह भी कहा कि औद्योगिक दुर्घटनाओं के पीड़ित परिवारों को अब तक 51 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा और अन्य सहायता दी जा चुकी है.
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17 जुलाई को अविश्वास प्रस्ताव पर होगी चर्चा
दिनभर के हंगामे के बाद विपक्ष ने सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी पेश किया. विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव स्वीकार करते हुए इस पर चर्चा के लिए 17 जुलाई की तारीख तय कर दी है. ऐसे में आने वाले दिनों में मानसून सत्र के और भी ज्यादा हंगामेदार रहने के आसार हैं.

























