RJD को 'B' फैक्टर से दिक्कत! लालू-तेजस्वी से क्यों दूर हुए मृत्युंजय तिवारी? अंदर की खबर जानिए
Mrityunjay Tiwari Resigned: मृत्युंजय तिवारी लालू यादव की पार्टी में एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा रहे. वे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों को मजबूती से रखते थे. पढ़िए पूरी खबर.

आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने नाराजगी जताते हुए गुरुवार (16 जुलाई, 2026) को पार्टी के सारे पदों से इस्तीफा दे दिया. हालांकि अभी उनके इस्तीफे को आलाकमान ने स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने जैसे ही इस्तीफे का ऐलान किया तो सियासी गलियारे में खलबली मच गई. ऐसे में सबसे बड़ा सवाल एक ही है कि आखिर मृत्युंजय तिवारी ने लालू-तेजस्वी से दूर होने का फैसला क्यों लिया?
इस पूरे घटनाक्रम के पीछे बी फैक्टर यानी ब्राह्मण फैक्टर की चर्चा हो रही है. मृत्युंजय तिवारी लालू यादव की पार्टी में एक प्रमुख ब्राह्मण चेहरा रहे. वे राष्ट्रीय स्तर पर पार्टी की नीतियों को मजबूती से रखते थे. उन्होंने इस्तीफे के पीछे एक सबसे बड़ी बात कही कि उन्हें सम्मान नहीं मिल रहा है. शिवानंद तिवारी भी कभी ब्राह्मण में बड़ा चेहरा थे लेकिन वे भी इन दिनों अलग-अलग रह रहे हैं.
शक्ति यादव से विवाद की खबर
सवाल है कि वे किस सम्मान की बात कर रहे हैं? चर्चा है कि मृत्युंजय तिवारी को पार्टी के भीतर दबाया जा रहा था. पार्टी के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव से विवाद की खबर है. इसको लेकर मृत्युंजय तिवारी ने तेजस्वी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से इसकी शिकायत की थी. हालांकि एक्शन नहीं लिया गया.
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बीजेपी का दामन थाम सकते हैं तिवारी
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मृत्युंजय तिवारी बहुत जल्द बीजेपी का दामन थाम सकते हैं. आरजेडी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि मृत्युंजय तिवारी लंबे वक्त से पार्टी नेतृत्व से नाराज चल रहे थे. पार्टी के अंदर कुछ गलत हो तो उसे नेतृत्व के समक्ष रखते थे लेकिन उनकी बातों को अनदेखा कर दिया जाता था.
नाम नहीं छापने की शर्त पर बीजेपी के एक बड़े नेता ने बताया कि मृत्युंजय तिवारी को तो कब का ऑफर मिल गया था. दिल्ली के बड़े नेताओं से भी उनकी बात हुई है. हालांकि वह सिद्धांत वाले व्यक्ति हैं इसलिए अब तक आरजेडी में बने हुए थे. लगातार मान-सम्मान को ठेस पहुंचाया जा रहा था. ऐसे में उन्होंने अंतिम फैसला लेते हुए इस्तीफा देना ही बेहतर समझा. बीजेपी में आने की बात से इनकार नहीं किया जा सकता है. कब आएंगे यह अभी कहना मुश्किल है.
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