'बिहार में एक शब्द है, लफुआगिरी…', राहुल गांधी पर JDU का रिएक्शन
Rahul Gandhi Remark on PM Modi: जेडीयू सांसद संजय झा ने कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक जीवन में शालीनता और मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं. पढ़िए उन्होंने और क्या कुछ कहा है.

कांग्रेस सांसद राहुल गांधा (Rahul Gandhi) की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की विदेश नीति पर की गई टिप्पणी के बाद एनडीए के नेता हमलावर हैं. राहुल गांधी की भाषा पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं. नीतीश कुमार (Nitish Kumar) की पार्टी जेडीयू से सांसद संजय झा (Sanjay Jha) ने अब राहुल गांधी पर रिएक्शन दिया है.
जेडीयू सांसद संजय कुमार झा ने शुक्रवार (14 अगस्त, 2026) को मीडिया से बातचीत के क्रम में काफी कुछ कहा. उन्होंने कहा, "सार्वजनिक जीवन (Public Life) में शालीनता और मर्यादा (Decency) की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं राहुल गांधी. किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में कैसे बात करनी चाहिए, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं रह गया है. वे जिनके बारे में मजाक उड़ा रहे हैं, वे एक देश (इटली) की राष्ट्राध्यक्ष हैं और भारत के साथ उस देश का मित्रवत संबंध (Friendly Relations) है."
सार्वजनिक जीवन (Public Life) में शालीनता और मर्यादा (Decency) की सारी सीमाएं पार कर चुके हैं राहुल गांधी।
— Sanjay Kumar Jha (@SanjayJhaBihar) August 14, 2026
किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के बारे में कैसे बात करनी चाहिए, इससे उन्हें कोई मतलब नहीं रह गया है। वे जिनके बारे में मजाक उड़ा रहे हैं, वे एक देश (इटली) की… pic.twitter.com/matSLEMDgM
उन्होंने कहा, "कुल मिलाकर, वे जिस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिस तरह के हाव-भाव (Gesture) प्रदर्शित कर रहे हैं, और जिस तरह से मर्यादा की सारी सीमाएं पार कर रहे हैं, उसके लिए हमारे बिहार में एक शब्द है 'लफुआगिरि', जिसे मैं बोलना नहीं चाहता हूं, लेकिन वास्तव में वे यही कर रहे हैं."
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क्या है मामला?
बीते गुरुवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी 'रचनात्मक कांग्रेस राष्ट्रीय अधिवेशन' को संबोधित कर रहे थे. राहुल गांधी ने अपने संबोधन में बीजेपी और आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) को "जोकरों का समूह" बताया था. उन्होंने कहा था कि उन्हें भारत की कोई समझ नहीं है. इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति के संचालन पर तंज कसते हुए दावा किया था कि उनकी विदेश नीति केवल नेताओं को गले लगाने तक सीमित है.
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