पटना मेट्रो में नौकरी के नाम पर युवाओं से ठगी, पुलिस ने किया रैकेट का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार
Bihar News: आरोपियों द्वारा चयन का भरोसा दिलाकर उनसे विभिन्न मदों में धनराशि वसूली जा रही थी. पुलिस द्वारा फर्जी रैकेट का भंडाफोड़ किया गया है.

पटना मेट्रो में बेरोजगार युवाओं को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले फर्जी इंटरव्यू रैकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने 3 लोगों को गिरफ्तार किया है. इसमें सुपौल निवासी अखिलेश कुमार चौधरी, नवादा निवासी दिनेश कुमार साव और मधेपुरा निवासी नवनीत कुमार की गिरफ्तारी हुई है.
पुलिस को जक्कनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सूचना प्राप्त हुई कि कुछ व्यक्तियों द्वारा पटना मेट्रो में बहाली का झांसा देकर बेरोजगार युवाओं से ठगी की जा रही है. जांच के क्रम में यह तथ्य सामने आया कि विग्रहपुर क्षेत्र में एक फर्जी कार्यालय संचालित किया जा रहा था. जहां युवाओं को पटना मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर बुलाकर तथाकथित इंटरव्यू लिया जाता था.
चयन का झांसा देकर वसूले पैसे
आरोपियों द्वारा चयन का भरोसा दिलाकर उनसे विभिन्न मदों में धनराशि वसूली जा रही थी. सूचना के आधार पर गठित पुलिस टीम द्वारा छापेमारी करते हुए फर्जी इंटरव्यू रैकेट में संलिप्त तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है.
छापेमारी में बरामद हुए फर्जी दस्तावेज
छापेमारी के दौरान फर्जी कार्यालय से कई आपत्तिजनक दस्तावेज एवं अन्य सामग्री बरामद की गई है, जो ठगी की गतिविधियों की पुष्टि करती है. मामले में तकनीकी एवं मानवीय अनुसंधान के आधार पर गिरोह की कार्यप्रणाली की विस्तृत जांच की जा रही है. इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संलिप्त व्यक्तियों की पहचान एवं गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई जारी है.
आरोपियों से पूछताछ में जुटी पुलिस
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है. पुलिस अब इस रैकेट से जुड़े सभी लोगों की तलाश में जुट गई है. आरोपियों द्वारा जितने लोगों से ठगी की गई है इसकी भी पड़ताल जारी है. फिलहाल पूछताछ के बाद पुलिस द्वारा मामले में अग्रिम कठोर कार्रवाई की जाएगी.
पुलिस के मुताबिक आरोपी बेरोजगार युवाओं को अपने झांसे में फंसाकर उनसे लाखों रुपए की ठगी कर चुके हैं. अब तक आरोपियों ने कितने बेरोजगार युवाओं के साथ ठगी की है उसकी गहनता से जांच की जा रही है.
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Source: IOCL






















