पटना में छात्रों का हल्लाबोल! तेजस्वी बोले- '...तो विरोध होना स्वभाविक'
BPSC परीक्षा रद्द, पेपर लीक की CBI जांच और भर्ती कैलेंडर को लेकर पटना में छात्र आज CM आवास घेरने उतरेंगे. इसी बीच तेजस्वी ने बिहार को पेपर लीक की धुरी बताया है.

बिहार की राजधानी पटना में आज एक बार फिर छात्र सड़कों पर उतरेंगे. विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर छात्र मुख्यमंत्री आवास के घेराव की तैयारी में हैं. प्रदर्शन को देखते हुए शहर के प्रमुख चौक-चौराहों और संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की तैनाती बढ़ा दी गई है.
इस बीच आरजेडी ने अपने एक्स हैंडल पर तेजस्वी यादव का एक वीडियो साझा किया है. वीडियो में तेजस्वी ने बिहार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश पेपर लीक और बेरोजगारी की धुरी बन गया है.
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तेजस्वी बोले- छात्रों का विरोध स्वाभाविक
तेजस्वी यादव ने कहा कि बार-बार परीक्षाएं रद्द होने और पेपर लीक के आरोपों के कारण छात्र परेशान हैं. उनका वर्तमान और भविष्य दांव पर है, ऐसे में लोकतांत्रिक तरीके से विरोध होना स्वाभाविक है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के भीतर मौजूद भ्रष्ट अधिकारी या बड़े रैकेट पेपर लीक की घटनाओं के पीछे हैंय तेजस्वी ने सरकार से सवाल किया कि मैट्रिक, इंटरमीडिएट, BPSC, पुलिस भर्ती समेत किस परीक्षा पर विवाद या पेपर लीक का आरोप नहीं लगा.
बिहार पेपर लीक और बेरोज़गारी का धुरी बन गया है।
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) August 25, 2026
बार-बार परीक्षा रद्द होने और पेपर लीक होने की वजह से छात्र विरोध तो करेंगे ही क्योंकि उनका वर्तमान और भविष्य दांव पर लगा है।
सरकार के अंदर मौजूद भ्रष्ट अधिकारी या बड़े रैकेट ही पेपर लीक करवाते हैं। ऊपर से इनकी भाषा इतनी अमर्यादित… pic.twitter.com/QEqQ5mfnXY
BPSC परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्रों की प्रमुख मांग बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराना है. अभ्यर्थियों का आरोप है कि परीक्षा संचालन और परिणाम प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है. छात्रों ने पूरी परीक्षा प्रक्रिया की उच्च न्यायालय के एक न्यायाधीश की निगरानी में सीबीआई जांच कराने की भी मांग की है. इसके अलावा लाइब्रेरियन भर्ती निकालने की मांग भी उठाई गई है.
BSSC से TRE-4 तक कई मांगें
प्रदर्शनकारी छात्रों की मांग है कि BSSC में संविदा वेटेज हटाया जाए और परीक्षा की तारीख घोषित की जाए. असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती से पहले एलिजिबिलिटी टेस्ट अनिवार्य करने और कथित धांधली के आरोपों वाली दरोगा भर्ती परीक्षा रद्द करने की भी मांग की गई है. छात्रों ने सभी भर्ती परीक्षाओं में अधिकतम आयु सीमा 45 साल करने और डोमिसाइल नीति को 90 प्रतिशत तक लागू करने की मांग भी रखी है.
वार्षिक परीक्षा कैलेंडर और सख्त कार्रवाई
छात्रों का कहना है कि बिहार की सभी भर्ती परीक्षाओं के लिए एक वार्षिक कैलेंडर जारी होना चाहिए. पेपर लीक, धांधली और कथित सेटिंग के मामलों में कठोर कार्रवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की गई है. इसके साथ ही TRE-4 में एकल परीक्षा कराने और नेगेटिव मार्किंग सिस्टम हटाने की मांग भी की जा रही है. CM आवास घेराव के एलान के बाद पटना में प्रशासन अलर्ट पर है.
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