दरभंगा स्नातक MLC सीट पर BJP की हार, RJD के अनिल कुमार झा जीते
बिहार में आठ सीटों पर हुए एमलएलसी चुनाव में आरजेडी ने दो सीटों पर बाजी मार ली. अनिल झा करीब 150 वोटों से जीते हैं.

दरभंगा स्नातक सीट पर RJD ने जीत हासिल कर ली है. आरजेडी के अनिल कुमार झा विजयी हुए. अपने निकटतम बीजेपी प्रत्याशी सर्वेश कुमार को शिकस्त दी. 34 घंटे से ज्यादा चली मतगणना में पूरा खेल पलट गया. बुधवार सुबह शुरू हुई मतगणना गुरुवार देर शाम तक खिंचती रही. कभी बीजेपी प्रत्याशी सर्वेश कुमार की बढ़त ने एनडीए खेमे में उम्मीद जगाई तो कभी मतों के उतार-चढ़ाव ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया. आखिरकार, वरीयता आधारित मतगणना और एलिमिनेशन राउंड के बाद आरजेडी के अनिल कुमार झा ने बाजी मार ली और बीजेपी के सर्वेश कुमार को हार का सामना करना पड़ा.
इस चुनाव में सिर्फ मतों की गिनती नहीं हुई, बल्कि सियासी दांव-पेच, चुनावी गणित, एजेंटों के बीच विवाद, पुलिस की कार्रवाई और प्रशासन पर उठते सवालों ने भी खूब सुर्खियां बटोरीं.
10वें राउंड तक आगे थे सर्वेश कुमार
मतगणना के शुरुआती दौर से ही बीजेपी प्रत्याशी सर्वेश कुमार और आरजेडी के अनिल कुमार झा के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली. दसवें राउंड तक सर्वेश कुमार 16115 मतों के साथ पहले स्थान पर थे. वहीं अनिल कुमार झा को 14615 मत मिले थे. इस समय बीजेपी प्रत्याशी 1500 मतों से आगे चल रहे थे. वहीं, जन सुराज के प्रत्याशी मोहम्मद इम्तियाज नूरानी 10227 मतों के साथ मुकाबले में अहम भूमिका निभाते दिख रहे थे.
पहली वरीयता के मतों की गिनती के बाद भी कोई प्रत्याशी जीत के लिए निर्धारित 31911 मतों का कोटा हासिल नहीं कर सका. यहीं से चुनावी मुकाबले ने निर्णायक मोड़ लेना शुरू किया.
पहली वरीयता के बाद शुरू हुआ असली चुनावी रोमांच
जब पहली वरीयता के मतों से जीत का फैसला नहीं हुआ तब दूसरी वरीयता के मतों की गिनती और एलिमिनेशन राउंड पर सबकी निगाहें टिक गईं. इस प्रक्रिया में कम मत पाने वाले प्रत्याशियों को क्रमशः बाहर किया गया और नियमानुसार उनके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयता के मतों का हस्तांतरण किया गया. यही वह चरण था, जहां शुरुआती बढ़त के बावजूद बीजेपी प्रत्याशी की राह आसान नहीं रही.
एक तरफ सर्वेश कुमार की शुरुआती बढ़त थी, तो दूसरी तरफ अनिल झा के खेमे को वरीयता के मतों से समीकरण बदलने की उम्मीद थी. जैसे-जैसे मतगणना आगे बढ़ी, मुकाबले का गणित बदलता गया और आखिरकार आरजेडी के अनिल कुमार झा जीत हासिल करने में सफल रहे. यह नतीजा एक बार फिर बताता है कि वरीयता आधारित चुनाव में शुरुआती बढ़त और अंतिम जीत के बीच लंबा फासला हो सकता है.
मतगणना केंद्र पर विवाद भी आया सामने
चुनावी रोमांच के बीच दरभंगा मतगणना केंद्र पर विवाद भी सामने आया. मतों की वैधता और अवैध मतपत्रों को लेकर विवाद की स्थिति बनी. इसी दौरान आरजेडी और बीजेपी के अभिकर्ताओं के बीच कहासुनी हुई. पुलिस के मुताबिक, हंगामे के मामले में आरजेडी के दो और बीजेपी के तीन अभिकर्ताओं समेत कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने स्पष्ट किया था कि विवाद के बावजूद मतगणना की प्रक्रिया प्रभावित नहीं हुई.
हालांकि, इस कार्रवाई के बाद मामला और गरमा गया. हिरासत में लिए गए आरजेडी के अभिकर्ताओं की कार्रवाई को लेकर आरजेडी समर्थकों और नेताओं में नाराजगी देखी गई.
आरजेडी ने प्रशासन की भूमिका पर उठाए सवाल
मतगणना केंद्र पर हुई कार्रवाई के बाद आरजेडी नेताओं ने प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठाए. आरजेडी समर्थकों का आरोप था कि प्रशासन बीजेपी प्रत्याशी को लाभ पहुंचाने की कोशिश कर रहा है और कार्रवाई के जरिए अनिल झा के पक्ष के लोगों पर दबाव बनाया जा रहा है. इन आरोपों के बीच मिथिलांचल के आरजेडी नेताओं का मतगणना केंद्र के बाहर जुटान शुरू हुआ. विरोध और आरोपों के कारण मतगणना स्थल के आसपास राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई.
हालांकि, प्रशासन पर पक्षपात करने के आरोप आरजेडी की ओर से लगाए गए थे. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई थी. पुलिस का कहना था कि कार्रवाई कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए की गई. इस पूरे घटनाक्रम ने चुनावी मुकाबले को मतगणना हॉल से निकालकर सड़क तक पहुंचा दिया. कल सुबह से ले रातभर चली गिनती, आज देर शाम तक सबकी निगाहें टिकी रहीं.
समर्थकों और दलों की बेचैनी बढ़ती रही
इस चुनाव की सबसे बड़ी खासियत मतगणना का लंबा खिंचना रहा. पहली वरीयता के मतों की गिनती से लेकर एलिमिनेशन और वरीयता के मतों के हस्तांतरण तक की प्रक्रिया ने प्रत्याशियों, उनके समर्थकों और राजनीतिक दलों की बेचैनी बढ़ाए रखी. हर राउंड के साथ जीत की संभावनाओं का आकलन बदल रहा था. शुरुआती बढ़त के कारण बीजेपी खेमे को जीत की उम्मीद थी, जबकि आरजेडी समर्थक दूसरी वरीयता के मतों से परिणाम पलटने की संभावना जता रहे थे. आखिरकार, लंबी और उतार-चढ़ाव से भरी मतगणना के बाद नतीजा आरजेडी के पक्ष में गया.
जनबल और धनबल के बीच था चुनाव- अनिल कुमार झा
जीत के बाद मीडिया से बातचीत में आरजेडी प्रत्याशी ने कहा, "ये जनबल की जीत हुई है. इतिहास गवाह है कि लोकतंत्र में हमेशा से जनबल जीतता है और धनबल हारता है. ये चुनाव जनबल और धनबल के बीच का चुनाव था. एक सामान्य आर्थिक पृष्ठभूमि, एक साधारण कार्यकर्ता चुनाव लड़ रहा था. सामने जो लोग थे उनकी हैसियत आप सोच नहीं सकते थे. मेरे जैसे लोगों का चुनाव जीतना बहुत बड़ा संदेश है. यह भ्रम लोगों का टूट गया कि पैसे वाले आकर ही चुनाव जीत सकते हैं. अनिल झा ने ऐसा विश्वास स्थापित किया है कि अगर लोगों का आशीर्वाद और समर्थन हो तो सामान्य कार्यकर्ता भी जीत सकता है."
बिहार की आठ सीटों के नतीजे
स्नातक सीट के विजेता
दरभंगा- अनिल कुमार झा, आरजेडी
पटना- नीरज कुमार- जेडीयू
तिरहुत- वंशीधर बृजवासी- निर्दलीय
कोसी- एनके यादव, बीजेपी
शिक्षक सीट के विजेता
दरभंगा- सुरेश राय, जन सुराज
सारण- राहुल राज, निर्दलीय
पटना- संजीव कुमार, आरजेडी
तिरहुत- नरेंद्र प्रसाद सिंह, बीजेपी
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