बिहार के इस जिले में SP के एक्शन से हड़कंप, इंस्पेक्टर, SI, ASI समेत पूरे 100 पुलिसकर्मियों की जेब होगी खाली
SP Shubham Arya: एसपी शुभम आर्य ने कहा कि हम लोगों ने समीक्षा की है. उसमें जनवरी से मार्च तक अनुसंधान कर्ताओं ने कांड को निष्पादित करते हुए आरोप पत्र समय से समर्पित नहीं किया था.

Buxar News: बक्सर में पुलिस प्रशासन में अनुशासनहीनता और लापरवाही पर सख्त एक्शन लिया गया है. बक्सर पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने जिले के औद्योगिक थाना प्रभारी समेत करीब 100 पुलिसकर्मियों का वेतन रोकने का आदेश जारी किया है. यह फैसला उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ लिया गया है, जिन्होंने जनवरी 2025 से मार्च 2025 के बीच दर्ज मामलों में समय पर आरोप पत्र दाखिल नहीं किए और न ही अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की.
लोगों में पुलिस व्यवस्था को लेकर असंतोष
शुक्रवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक, इन पुलिस पदाधिकारियों की लापरवाही के कारण पीड़ितों को न्याय मिलने में देरी हो रही थी, जिससे आम लोगों में पुलिस व्यवस्था को लेकर असंतोष बढ़ रहा था. इसे गंभीरता से लेते हुए एसपी शुभम आर्य ने यह सख्त कदम उठाया है.
इस पूरे मामले को लेकर एसपी शुभम आर्य ने साफ तौर पर कहा कि हम लोगों ने समीक्षा की है. उसमें जनवरी से मार्च तक जिन अनुसंधान कर्ताओं ने कांड को निष्पादित करते हुए आरोप पत्र समय से समर्पित नहीं किया था, सभी का वेतन हम लोगों ने बंद किया है. उन लोगों को चेतावनी भी दी गई है कि अगर उनके जरिए कार्रवाई सुनिश्चित नहीं की जाएगी तो उन पर भी विभागीय कार्रवाई की जाएगी.
जद में कई थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर और एसआई
इस कार्रवाई की जद में औद्योगिक थाना प्रभारी के अलावा कई थानाध्यक्ष, इंस्पेक्टर, एसआई, एएसआई और अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं. कुल संख्या 100 के आस-पास बताई जा रही है, जो आगे की जांच के बाद बढ़ भी सकती है.
बहरहाल बक्सर पुलिस अधीक्षक की इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, जहां विभाग के भीतर डर का माहौल है. वहीं आम जनता एसपी के इस कदम की सराहना कर रही है. लोगों का कहना है कि इस तरह की सख्ती से न केवल पुलिस व्यवस्था में सुधार होगा बल्कि जनता का भरोसा भी बहाल होगा.
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Source: IOCL





















