भरत तिवारी केस: पहली गिरफ्तारी पर मां ने कहा- 'खुशी मिली, लेकिन…'
Bharat Tiwari Encounter: एसटीएफ जवान की गिरफ्तारी पर परिवार का कहना है कि मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए. परिवार पहली गिरफ्तारी को उम्मीद की नजर से देख रहा है.

भरत तिवारी एनकाउंटर (Bharat Tiwari Encounter) मामले में एसटीएफ जवान अक्षय (STF Jawan Akshay) की गिरफ्तारी हुई है. केस में पहली गिरफ्तारी के बाद परिवार ने न्याय की दिशा में पहला कदम बताया है. देर रात हुई इस गिरफ्तारी पर आज (शुक्रवार) परिवार ने मीडिया से कहा कि उन्हें अब न्याय की उम्मीद जगी है.
भरत तिवारी की मां आशा देवी, भाई चंदन तिवारी और भाभी सुमन देवी ने स्पष्ट कहा कि मामले में शामिल सभी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी होनी चाहिए. परिवार ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भरोसा जताते हुए कहा कि उनसे मुलाकात के बाद ही कार्रवाई शुरू हुई.
मां ने क्या कहा?
आशा देवी ने कहा कि जिस जवान ने सबसे पहले उनके बेटे को गोली मारी थी, उसकी गिरफ्तारी हो चुकी है. इससे उन्हें खुशी मिली है, लेकिन अभी यह लड़ाई खत्म नहीं हुई है. उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना में कई पुलिस अधिकारी और जवान शामिल थे, इसलिए सिर्फ एक व्यक्ति पर कार्रवाई पर्याप्त नहीं है.
उन्होंने आगे कहा कि उनकी मांग है कि जिन-जिन लोगों ने इस घटना में भूमिका निभाई है, उन सभी को गिरफ्तार किया जाए. कानून के अनुसार उन्हें कड़ी सजा मिले. उनका कहना था कि बेटे की मौत का दर्द तब तक कम नहीं होगा, जब तक सभी जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हो जाती.
सीएम से मुलाकात के बाद पैदा हुआ विश्वास
आशा देवी ने कहा कि सीएम सम्राट चौधरी से मुलाकात के बाद उनके मन में विश्वास पैदा हुआ था. मुख्यमंत्री ने उनकी बात गंभीरता से सुनने के बाद उन्हें न्याय का भरोसा दिया था. उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही मामले में कार्रवाई तेज हुई और कई अधिकारियों पर निलंबन की कार्रवाई भी हुई.
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परिवार के अन्य सदस्य क्या बोले?
भरत तिवारी के भाई चंदन तिवारी ने कहा कि अक्षय कुमार की गिरफ्तारी से परिवार को भरोसा मिला है कि सरकार कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि पहले उन्हें भी लग रहा था कि शायद न्याय नहीं मिलेगा, लेकिन अब पहली गिरफ्तारी के बाद उम्मीद जगी है.
उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में सिर्फ एसटीएफ का जवान ही नहीं, बल्कि कुछ अन्य अधिकारी भी शामिल थे. उनके अनुसार, जिन अधिकारियों के नाम पहले से सामने आते रहे हैं, उनकी भूमिका की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाए.
भाभी सुमन देवी ने भी पहली गिरफ्तारी को महत्वपूर्ण कदम बताया. उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति पर सबसे पहले गोली चलाने का आरोप है, उसकी गिरफ्तारी से परिवार को उम्मीद मिली है कि बाकी आरोपितों पर भी कार्रवाई होगी.
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