बिहार: तेजस्वी यादव चुनाव कराने के खिलाफ खुलकर सामने आए, कहा- क्या बूथ से श्मशान घाट भेजना चाहते हैं
तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि लोकतंत्र में जब 'लोक' नहीं बचेगा तो 'तंत्र' का क्या करियेगा? उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना ज़रूरी है, चुनाव तो आते-जाते रहेंगे.

पटना: बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने बिहार में बढ़ रहे कोरोना मरीज़ों और मौतों के आंकड़ों को लेकर बिहार विधानसभा चुनाव नहीं कराए जाने की मांग की है. तेजस्वी ने सवाल उठाते हुए कहा कि नीतीश सरकार की ख़ामियों और लापरवाही के चलते बिहार में कोरोना संक्रमण ने भयानक रूप अख़्तियार कर लिया है.
तेजस्वी ने कहा, "बीजेपी दफ़्तर में लगातार वर्चूअल रैली का आयोजन करने से 100 में से 75 नेता कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. ये सत्ताधारी ना जाने कौन सी जमात के लोग हैं, जिन्हें आम आवाम की जिंदगी की चिंता नहीं है? क्या ये लाशों के ढ़ेर पर चुनाव चाहते हैं? मुख्यमंत्री आवास में परिजनों समेत 85 लोग संक्रमित हैं, उपमुख्यमंत्री के कई निजी लोग, शीर्ष मंत्री, सांसद, विधायक, वरीय अधिकारी के अलावा मुख्य सचिव, गृह सचिव, पुलिस मुख्यालय और सचिवालय के अनेक लोग कोरोना पॉज़िटिव पाए गए हैं."
तेजस्वी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, "इस भयावह स्थिति के बीच चुनाव करवा कर नीतीश कुमार जी और सुशील मोदी क्या चाहते हैं कि लोग बूथ के बाद सीधे श्मशान चले जाएं?" तेजस्वी यादव ने सवाल किया कि लोकतंत्र में जब 'लोक' नहीं बचेगा तो 'तंत्र' का क्या करियेगा? उन्होंने कहा कि लोगों की जान बचाना ज़रूरी है, चुनाव तो आते-जाते रहेंगे.
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