भारत- पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच लड़ाई को लेकर आज ICC करेगी सुनवाई
राजीव शुक्ला ने इस बारे में बोलते हुए कहा है कि बीसीसीआई को पीसीबी के साथ क्रिकेट में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिन्हें सरकार के स्तर पर सुलझाना पड़ेगा.

नई दिल्ली: भारत और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के बीच बरसों पुरानी लड़ाई पर आज दुबई में क्रिकेट की सबसे बड़ी संस्था आईसीसी सुनवाई करेगी. पाकिस्तान ने भारत से करोड़ों के मुआवजे की मांग की है. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड का आरोप है कि भारत ने वादा करके भी उसके साथ सीरीज नहीं खेली. क्रिकेट सीरीज रद्द होने से पाकिस्तान को करोड़ों का नुकसान हुआ. पाकिस्तान ने 447 करोड़ रुपए के मुआवजे की मांग की है. वहीं भारत का इस मुद्दे पर साफ कहना है कि मुआवजा देने का सवाल ही नहीं.
As far as BCCI vs Pakistan Cricket Board dispute is concerned,my own view is that both the Boards should resolve it amicably instead of lingering it in ICC. BCCI always wanted to play with Pak but there are certain issues,we need govt nod to go to Pak to play matches:Rajiv Shukla pic.twitter.com/5O2JG9i1yA
— ANI (@ANI) September 30, 2018
बता दें कि इस बीच आईपीएल के चेयरमैन राजीव शुक्ला और बीसीसीआई अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने इस बारे में बयान दिया है. राजीव शुक्ला ने कहा है कि बीसीसीआई को पीसीबी के साथ क्रिकेट में कोई आपत्ति नहीं है लेकिन कुछ मुद्दे हैं जिन्हें सरकार के स्तर पर सुलझाना पड़ेगा. उन्होंने कहा, 'जहां तक मेरी राय है तो बीसीसीआई और पीसीबी को अपने मसले खुद सुलझाने चाहिए न कि उन्हें आईसीसी के पास ले जाना चाहिए. बीसीसीआई तो पाकिस्तान के साथ क्रिकेट खेलना चाहता है लेकिन कुछ मुद्दे हैं और इसलिए बीसीसीआई को पाकिस्तान जाकर क्रिकेट खेलने के लिए सरकार की अनुमति चाहिए.'
For no.yrs,many nations didn't visit Pak to play matches. I think no official frm India should attend ICC hearing,India shouldn't pay money to Pakistan Cricket Board: Ex- BCCI Pres A Thakur on ICC hearing on PCB's 70m dollar claim for India on refusing to play a bilateral series pic.twitter.com/R4KM8abYv8
— ANI (@ANI) September 30, 2018
बीसीसीआई प्रमुख अनुराग ठाकुर ने इस बारे में बोलते हुए कहा, 'पिछले कई सालों में भारत ही नहीं कई देशों ने क्रिकेट के लिए पाकिस्तान का दौरा नहीं किया है. भारत के किसी भी अधिकारी को पाकिस्तान के दावे की सुनवाई में हिस्सा नहीं लेना चाहिए. भारत को पाकिस्तान को कोई पैसा नहीं देना चाहिए.'
Source: IOCL






















