विराट कोहली खाली मैदान में क्रिकेट खेलने को तैयार, लेकिन कहा पहले जैसा मजा नहीं रहेगा
क्रिकेट को दोबारा पटरी पर लाने के लिए बंद दरवाजों में मैचों के आयोजन को विकल्प के तौर पर देखा जा रहा है.

कोरोना वायरस की वजह से दो महीने से क्रिकेट टूर्नामेंट्स नहीं खेले जा रहे हैं. हालांकि आर्थिक नुकसान को देखते हुए कई देशों ने अब क्रिकेट को पटरी पर लाने की कोशिशें शुरू कर दी है. हालांकि बचाव के लिए क्रिकेट बोर्ड अभी बंद दरवाजों में ही क्रिकेट टूर्नामेंट्स के आयोजन का विकल्प देख रहे हैं. लेकिन टीम इंडिया के कप्तान विराट कोहली का मानना है कि खाली स्टेडियम में मैच खेलने से पुराना जादू रह पाएगा.
विराट कोहली ने माना है कि क्रिकेट पहले की तरह चुनौतीपूर्ण ही होगा, लेकिन खिलाड़ियों को दर्शकों से वह ऊर्जा नहीं मिल पाएगी. कोहली ने कहा, "मैंने इसके बारे में काफी सोचा है. यह संभावित स्थिति है. यह हो सकता है. मुझे नहीं पता कि की कौन इसे कैसे लेगा."
उन्होंने कहा, " हम सभी जुनूनी दर्शकों के सामने खेलने के आदि हैं. आप लोगों की ऊर्जा को जमीन पर देखें. चाहे आप दूसरे देश में खेल रहे हों, जहां खूब दर्शको हो. आप इसका उपयोग सभी बाधाओं के खिलाफ लड़ने के लिए एक संकल्प के रूप में करते हैं. यह आपको एक अलग तरह का ²ढ़ संकल्प देता है क्योंकि आप न केवल एकादश के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं, बल्कि हर कोई जो स्टेडियम में है. वहां एक सामूहिक ऊर्जा है, जिसके खिलाफ आपको लड़ना है."
विराट कोहली ने माना है कि बिना दर्शकों के क्रिकेट के मैदान पर पहले जैसा माहौल नहीं रहेगा. उन्होंने कहा, " चीजें फिर भी चलेंगी, लेकिन मुझे शक है कि क्या खिलाड़ी अपने अंदर वो जादू महसूस कर पाएंगे क्योंकि वो माहौल नहीं होगा. हम खेल को उसी तरह से खेलेंगे जिस तरह से इसे खेला जाना चाहिए. लेकिन वो जादुई पलों का आना मुश्किल होगा."
बता दें कि लॉकडाउन के दौरान विराट कोहली सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं. ट्विटर के जरिए ही टीम इंडिया के कप्तान खेल से जुड़े हुए मुद्दों पर अपनी राय खुलकर रख रहे हैं.
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