चेतेश्वर पुजारा ने कहा, मैंने अपने खेल पर मेहनत करना सचिन-द्रविड़ से सीखा

नई दिल्ली: भारतीय टेस्ट टीम की ‘नई दीवार’ के नाम से मशहूर चेतेश्वर पुजारा जब गुरुवार को श्रीलंका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर बल्लेबाजी करने उतरेंगे, तो एक नया रिकॉर्ड उनके नाम दर्ज हो जाएगा. इस मुकाबले को खेलते ही पुजारा 50 टेस्ट मैच खेलने वाले 31 वें भारतीय बन जाएंगे.
इस ऐतिहासिक पल से पहले पुजारा ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा है कि ड्रेसिंग रूम में सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ जैसे क्रिकेटरों की मौजूदगी उनके लिए बहुत फायदेमंद रही और इन जैसे सीनियर्स खिलाड़ियों से बहुत प्रेरणा मिली.
अपने क्रिकेट हुनर में सचिन और द्रविड़ जैसे भारतीय टीम के दिग्गज खिलाड़ियों की भूमिका को जाहिर करते हुए पुजारा ने कहा कि उन्हें सचिन, द्रविड़ से यह सीखने को मिला कि खेल के दौरान नैतिकता, दृढ़ता और अपने कौशल का कैसे बेहतर और भरपूर ढंग से इस्तेमाल करना है.
पुजारा ने आगे कहा, “ सचिन-द्रविड़ जैसे सीनियर्स से मैंने एक चीज सीखी है कि वो खेल के दौरान बेहद कड़ी मेहनत करते हैं.” इसी कड़ी में पुजारा कहते हैं, “दोनों खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करने के लिए हमेशा कड़ी मेहनत करते रहते हैं. साथ ही युवा खिलाड़ियों को भी सपोर्ट करते हैं.”
अपनी क्रिकेट में अपने पिता के योगदान का जिक्र करते हुए पुजारा कहते हैं, “एक समय मेरे पिता मेरे सबसे बड़े आलोचक हुआ करते थे, पर अब हम दोनों के बीच एक अच्छे किस्म का तालमेल है, साथ ही अब हम खुलकर हर मुद्दे पर बातचीत करते रहते हैं और निष्कर्ष पर पहुंचते हैं और अब वो पहले की तरह मेरे आलोचक भी नहीं हैं.”
चोटिल होने के बाद क्रिकेट के मैदान से खुद के बाहर होने के दर्द को बयान करते हुए पुजारा कहते हैं, “चोटिल होकर टीम से बाहर होना मेरे क्रिकेट करियर का सबसे दुखद पल था. घुटने में चोट की वजह से मुझे टीम से छह महीने के लिए बाहर होना पड़ा. साल 2011 में भी एक बार मुझे छह महीने के लिए टीम से बाहर होना पड़ा. कुल मिलाकर मैं उस पूरे साल क्रिकेट से दूर रहा, जो मेरे लिए बहुत ही कठिन समय था.”
आपको बता दें कि चेतेश्वर पुजारा भारतीय टेस्ट टीम की रीढ़ की हड्डी हैं. कई लोग उन्हें राहुल द्रविड़ से जोड़कर देखते हैं और उन्हें भारतीय टीम की नई दीवार के नाम से भी बुलाते हैं.
द्रविड़ भी टेस्ट टीम में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने आते थे और पुजारा भी. वहीं रिकॉर्ड्स भी इस बात की तस्दीक करते हैं. पुजारा ने अभी तक खेले 49 टेस्ट मैचों में 52.18 की दमदार औसत से 3966 रन बनाए हैं. गौरतलब है कि पुजारा का टेस्ट मैचों में औसत भारतीय टीम के कप्तान विराट कोहली से भी ज्यादा है. कोहली का औसत टेस्ट में 50.04 का है.


















